पंजाब के युवाओं की बढ़ी चिंता: कनाडा के आईईसी वर्क परमिट में भारत बाहर

इंटरनेशनल एक्सपीरियंस कनाडा (आईईसी) के तहत कनाडा ने युवाओं को विशेष वर्क परमिट देने की नई सूची जारी की है, लेकिन इसमें भारत का नाम शामिल नहीं है। इससे पंजाब समेत देशभर के उन युवाओं में चिंता बढ़ गई है, जो हर साल नौकरी और स्थायी निवास के अवसरों के लिए कनाडा का रुख करते हैं।

आईईसी कार्यक्रम के अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन और ब्रिटेन सहित 30 से अधिक देशों के 18–35 वर्ष के युवाओं को अधिकतम दो वर्ष का वर्क परमिट दिया जाएगा। कई देशों को जीवनकाल में एक से तीन बार तक भागीदारी का अवसर मिलेगा, लेकिन भारत सूची से बाहर है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय युवाओं को सामान्य नियोक्ता-आधारित वर्क परमिट प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट (एलएमआईए) अनिवार्य है। इसके विपरीत, आईईसी के तहत चुने गए देशों के युवाओं को ओपन वर्क परमिट या यंग प्रोफेशनल्स परमिट अपेक्षाकृत सरल लॉटरी प्रणाली से मिल सकता है।

इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को भी किसी युवा मोबिलिटी समझौते में शामिल किया जाता है, तो पंजाब और अन्य राज्यों के युवाओं को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल, भारत का नाम सूची में न होना लाखों अभ्यर्थियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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