वेलेंटाइन डे पर ‘दंपति दिवस’ का आयोजन, कृष्णा गुरुजी ने दिया प्रेम और सम्मान का संदेश

वेलेंटाइन डे के अवसर पर आध्यात्मिक मार्गदर्शक कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में उज्जैन में दंपति दिवस मनाया गया। पिछले सात वर्षों से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को यह संदेश देना है कि प्रेम केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवनभर एक-दूसरे के स्वभाव, जिम्मेदारियों और परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए साथ निभाने का संकल्प है।
इस अवसर पर कृष्णा गुरुजी ने वेलेंटाइन डे को भारतीय संस्कृति से जोड़ते हुए सम्मानित दंपतियों को तिरंगा दुपट्टा पहनाकर, गुलाब के फूल और बेलपत्र का आदान-प्रदान कर सम्मानित किया तथा नारियल एवं मिठाई का वितरण किया। कार्यक्रम के उद्देश्य यह संदेश देना था कि प्रेम में सम्मान, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का समावेश ही दाम्पत्य जीवन की वास्तविक शक्ति है।
कार्यक्रम में उज्जैन के प्रेरणास्रोत दंपतियों का सम्मान किया गया। श्री नारायण पुरुषोत्तम चैतन्य (96 वर्ष) एवं श्रीमती मीना चैतन्य (90 वर्ष), जिन्होंने 66 वर्षों से अधिक वैवाहिक जीवन पूर्ण किया है, को दाम्पत्य समर्पण और पारिवारिक मूल्यों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं श्री रोहित नागमोटिया एवं श्रीमती टीना नागमोटिया को प्रेम और स्वीकार्यता का प्रेरक उदाहरण बताते हुए सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर कृष्णा गुरुजी ने कहा कि दंपतियों का सम्मान उनके आपसी प्रेम, समझ और एक-दूसरे के सम्मान का सम्मान है।
कार्यक्रम में यूएस के सिएटल सहित कनाडा, दुबई और सिंगापुर से वरिष्ठ दंपतियों को ऑनलाइन जोड़कर सीनियर कपल के रूप में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अनिल कुमार, भारती मंडलोई, पिंकू यादव, भालचंद्र कुलकर्णी एवं अन्य लोग मौजूद थे।





