वनस्पति तेल का घटा आयात, 2% गिरकर 39.6 लाख टन रहा

भारत का वनस्पति तेल आयात तेल वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में दो प्रतिशत घटकर 39.6 लाख टन रहा। सोयाबीन और सूरजमुखी तेल की कम खरीद ने पाम तेल आयात में वृद्धि के असर को संतुलित कर दिया।
कितना घटा आयात?
तेल उद्योग के संगठन एसईए के मुताबिक, एक साल पहले नवंबर-जनवरी की समान तिमाही में देश ने 40.5 लाख टन वनस्पति तेल (खाद्य एवं अखाद्य सहित) का आयात किया था।
पाम तेल- नवंबर 2025 से जनवरी 2026 की इस तिमाही में पाम तेल आयात 18 प्रतिशत बढ़कर 19.1 लाख टन हो गया, जो एक साल पहले 16.2 लाख टन था। एक फरवरी को पाम तेल का बंदरगाहों पर भंडार 4.86 लाख टन रहा, जो पिछले महीने से 33,000 टन अधिक है।
सोयाबीन तेल-आलोच्य अवधि में कच्चे सोयाबीन तेल का आयात नौ प्रतिशत घटकर 12 लाख टन रह गया, जबकि बंदरगाह भंडार तीन लाख टन से घटकर 1.90 लाख टन पर आ गया। इस दौरान कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात 15 प्रतिशत गिरकर 7.59 लाख टन रहा जबकि इसका बंदरगाह भंडार 1.85 लाख टन दर्ज किया गया।
इस देश से लिया तेल
नेपाल ने नवंबर 2025 में भारत को करीब 54,000 टन परिष्कृत तेल का निर्यात किया, जबकि दिसंबर में यह आंकड़ा लगभग 48,000 टन रहा। इस साल एक फरवरी को भारतीय बंदरगाहों पर कुल खाद्य तेल भंडार 8.64 लाख टन था, जबकि घरेलू उत्पादन और खपत को शामिल करने पर पाइपलाइन स्टॉक 8.85 लाख टन रहा। इसका कुल भंडार 17.5 लाख टन पर स्थिर रहा। इंडोनेशिया और मलेशिया पाम तेल की भारत को आपूर्ति करने वाले प्रमुख निर्यातक हैं।





