फोटोग्राफर राम्या बनीं नेट जियो इंडिया वर्ल्डवाइड कॉन्टेस्ट की विजेता

चेन्नई की मशहूर फोटोग्राफर राम्या श्रीराम ने केरल के पारंपरिक अनुष्ठान थेय्यम (उत्तर केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में किया जाने वाला जीवंत अनुष्ठानिक नृत्य) की एक जीवंत तस्वीर के जरिए वैश्विक स्तर पर पहचान हासिल की है।

उनके द्वारा ली गई यह तस्वीर नेट जियो इंडिया वर्ल्डवाइड कॉन्टेस्ट 2025 की विजेता बनी,इतना ही नहीं, उन्हें नेशनल ज्योग्राफिक के 2026 कैलेंडर में भी स्थान मिला।

सांस्कृतिक फोटोग्राफी का जुनून

राम्या के लिए यह सम्मान उनके सालों के समर्पण का प्रमाण है। राम्या के मुताबिक उनके लिए यह पुरस्कार किसी ऑस्कर से कम नहीं है।

उन्होंने भारत की जीवंत परंपराओं को दस्तावेजीकरण करने में बिताए समय को इस जीत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। यह तस्वीर उत्तरी केरल के कन्नूर-कासरगोड क्षेत्र में थेय्यम प्रदर्शन के दौरान खींची गई थी। 

राम्या ने थेय्यम को दस्तावेजीकृत करने में चार साल लगाए, जो उनके सांस्कृतिक विरासत के विजुअल संग्रह का हिस्सा है।

केरल के थेय्यम अनुष्ठान को मिली वैश्विक पहचान

यह प्रसिद्ध तस्वीर कठिन परिस्थितियों में ली गई। एक छोटे मंदिर में सैकड़ों फोटोग्राफरों और श्रद्धालुओं की भीड़ में शूटिंग के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई।

आग की लपटें बढ़ने पर भीड़ ने राम्या को धकेल दिया, जिससे उनका हाथ और कपड़े जल गए। राम्या के मुताबिक उस समय वो सिर्फ़ 5 शॉट लेने में कामयाब हो पाई।

आठ घंटे इंतजार के बाद वो अनिश्चित मन से घर लौटीं। पांच तस्वीरों में से तीन धुंधले थे, लेकिन दो सही निकले, जिनमें से एक ने विश्व स्तर पर सराहना पाई।

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