क्या आपकी कुंडली में है पितृ दोष? फाल्गुन अमावस्या पर करें ये उपाय

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन हिंदू कैलेंडर का आखिरी महीना होता है। इस माह में फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya 2026) मनाई जाती है। इस दिन पूर्वजों का तर्पण और श्राद्ध करने से जातक को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्वजों का तर्पण और श्राद्ध न करने से कुंडली में पितृ दोष होता है, जिसकी वजह से जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही घर में अशांति का माहौल रहता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं पितृ दोष के उपाय और लक्षण।
पितृ दोष के उपाय
अगर आपके जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो ऐसे में फाल्गुन अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करें। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को जल अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही पितृ दोष दूर होता है।
सनातन शास्त्रों के अनुसार, पीपल के पेड़ में पितरों का वास होता है। ऐसे में पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए फाल्गुन अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद पेड़ की 7 या 11 बार परिक्रमा लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितृ दोष की समस्या दूर होती है। साथ ही देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इसके अलावा फाल्गुन अमावस्या के दिन पूजा करने के बाद जरूरतमंदों को काले तिल,अन्न और धन समेत आदि चीजों का दान करें। इस उपाय को करने से धन लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही पितरों की कृपा बनी रहती है।
पितृ दोष के लक्षण
संतान प्राप्ति में बाधा का सामना करना।
नौकरी या कारोबार में नुकसान
परिवार के सदस्यों के बीच बिना कारण झगड़े।
विवाह में अधिक देरी होना।
घर में अशांति का माहौल
कामों में सफलता न मिलना
फाल्गुन अमवस्या 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Falgun Amavasya 2026 Date and Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 फरवरी 05 बजकर 34 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 17 फरवरी को शाम को 05 बजकर 30 मिनट पर होगा। ऐसे में 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या मनाई जाएगी।





