शबरी जयंती पर इस विधि से करें पूजा, लगाएं ये भोग

शबरी जयंती भक्ति और अटूट विश्वास का पर्व है। यह दिन उस भक्त को समर्पित है, जिन्होंने अपनी प्रतीक्षा और प्रेम से साक्षात भगवान को अपने द्वार पर बुला लिया था। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाने वाली शबरी जयंती इस साल 9 फरवरी यानी आज के दिन मनाई जा रही है। भगवान राम ने शबरी माता के जूठे बेर खाकर पूरे संसार को यह संदेश दिया था कि भक्ति में न कोई छोटा होता है और न ही कोई बड़ा। आइए जानते हैं इस शुभ दिन की सरल पूजा विधि, भोग और मंत्र, जो इस प्रकार हैं –
पूजन विधि (Shabari Jayanti 2026 Pujan Vidhi)
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हाथ में जल लेकर भगवान राम व माता शबरी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
पूजा घर या किसी साफ स्थान पर गंगाजल छिड़कें।
वहां एक वेदी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान राम, माता सीता और माता शबरी की प्रतिमा स्थापित करें।
गाय के घी का दीपक और धूप जलाएं।
भगवान राम को पीले फूल और माता सीता व देवी शबरी को लाल फूल अर्पित करें।
गोपी चंदन और रोली का तिलक लगाएं।
पूजा के दौरान रामायण के ‘शबरी प्रसंग’ का पाठ करें या सुनें।
फिर शबरी कथा का पाठ करें।
अंत में आरती करें।
पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।
लगाएं ये भोग (Shabari Jayanti 2026 Prasad/Bhog List)
माता शबरी की पूजा में बेर का सबसे अधिक महत्व है।
बेर का भोग: इस दिन भगवान राम और माता शबरी को बेर का भोग जरूर लगाएं। ध्यान रखें कि फल ताजे और मीठे हों।
सात्विक मिठाई: इसके अलावा आप कंद-मूल, शहद और घर में बनी केसरिया खीर का भी भोग लगा सकते हैं।
करें इन मंत्रों का जप (Shabari Jayanti 2026 Puja Mantra)
ॐ रामाय नमः॥
ॐ भक्तवत्सलायै नमः॥
श्री राम जय राम जय जय राम॥
राम रामायेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥





