मध्य प्रदेश में एक बार फिर बढ़ी ठंड, प्रदेश के 11 शहरों का तापमान 10 डिग्री से नीचे लुढ़का

मध्य प्रदेश में फरवरी के पहले हफ्ते में ठंड ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। बारिश और ओलों का सिलसिला थमते ही उत्तरी इलाकों में सर्द हवाओं का असर तेज हो गया है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठिठुरन सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है, जबकि भोपाल और उज्जैन में भी रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। कटनी, शहडोल और छतरपुर के इलाके सबसे ज्यादा ठंडे रहे। दिन में धूप निकली, लेकिन सर्द हवाओं के चलते ठंड से राहत नहीं मिली। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को भी हालात ऐसे ही बने रहेंगे।
सुबह हल्का कोहरा
शनिवार सुबह ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रही। हालांकि घना कोहरा या बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
सिस्टम हटते ही बढ़ी ठंड
हाल के दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में बारिश, ओले और घना कोहरा देखने को मिला था। अब इन सिस्टमों का असर कम होने से वातावरण साफ हुआ है, लेकिन इसी के साथ रात की ठंड और तेज हो गई है।
सबसे ठंडे इलाके
गुरुवार-शुक्रवार की रात कटनी के करौंदी में प्रदेश का सबसे कम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर और खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़ और उमरिया में 8 डिग्री के आसपास पारा रहा। ग्वालियर पांच बड़े शहरों में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच रहा।
आगे कैसा रहेगा मौसम
8 फरवरी: हल्का कोहरा संभव, ठंड बनी रहेगी, बारिश की संभावना नहीं।
9 फरवरी: कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा, मौसम शुष्क रहेगा।
10 फरवरी से बदल सकता है मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसका असर 10 फरवरी से मध्य प्रदेश में दिख सकता है, जिससे मावठा गिरने की संभावना है। यानी अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश या ओलों से राहत रहेगी, लेकिन ठंड का असर जारी रहेगा।





