IIT बॉम्बे की रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर से ठगी…

मनी लॉन्ड्रिंग और सीबीआई जांच का डर दिखाकर मुंबई में साइबर ठगों ने आईआईटी बॉम्बे की रिटायर्ड मेडिकल ऑफिसर से 4.62 करोड़ की ठगी की है। पीड़िता ने डर के मारे अपनी सारी जमा पूंजी ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी।

दरअसल, साइबर ठगों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे की चिकित्सा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त 74 वर्षीय महिला को वीडियो कॉल किया और खुद को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया।

इसके बाद एक अन्य आरोपी ने आईपीएस अधिकारी के रूप में पेश आकर दावा किया कि उसके आधार कार्ड का दुरुपयोग करके एक बैंक खाता खोला गया था, जिसके माध्यम से 6 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था, यह मनी लॉन्ड्रिंग के बराबर है।

धोखाधड़ी का एहसास होने के बाद पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया “दबाव में आकर महिला ने समय से पहले अपनी फिक्स्ड और रिकरिंग डिपॉजिट निकाल लीं और अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच साइबर अपराधियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में 4.62 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर महिला ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।”

इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराधों का मामला दर्ज किया गया था। जिसे आगे की जांच के लिए मुंबई पश्चिमी क्षेत्र साइबर सेल को स्थानांतरित कर दिया गया था।

जालसाजों को मुहैया कराए थे बैंक खाते
अधिकारी ने बताया, “धन के लेन-देन की जांच में नरेंद्र सिन्हा और दिनेशचंद्र का नाम सामने आया, जिन्होंने कई बैंक खाते खोले थे और उन्हें साइबर जालसाजों को मुहैया कराया था। इन खातों में जमा की गई राशि नरेंद्र और दिनेशचंद्र ने निकाल ली और कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को सौंप दी।”

जांच जारी…
इन्हीं जानकारियों के आधार पर नरेंद्र सिन्हा और गुंजन देवकुमार दिनेशचंद्र को मुंबई पुलिस के पश्चिमी क्षेत्र साइबर सेल ने साइबर अपराधियों को पीड़ित से ली गई रकम को जमा करने के लिए बैंक खाते मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।

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