दिल्ली: सिग्नेचर ब्रिज की देखभाल अब आईआईटी दिल्ली और कानपुर के हवाले

पीडब्ल्यूडी ने ब्रिज की व्यापक संरचनात्मक जांच की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी है। ब्रिज 2018 में खुला था, लेकिन इसका कभी स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं हुआ है, जबकि नियम के मुताबिक साल में दो बार तकनीकी ऑडिट होना था।

सिग्नेचर ब्रिज की देखभाल अब आईआईटी दिल्ली और आईआईटी कानपुर करेगी। पीडब्ल्यूडी ने ब्रिज की व्यापक संरचनात्मक जांच की जिम्मेदारी इन्हें सौंपी है। ब्रिज 2018 में खुला था, लेकिन इसका कभी स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं हुआ है, जबकि नियम के मुताबिक साल में दो बार तकनीकी ऑडिट होना था।

विभागीय आंतरिक निरीक्षण में सड़क की सतह, साइड रेलिंग, ग्रिल्स और स्ट्रीटलाइट्स की स्थिति खराब पाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, विशेषज्ञों की टीम साइट विजिट कर चुकी है और ब्रिज के नक्शे, आर्किटेक्चर ड्रॉइंग, डिजाइन पैरामीटर्स और निर्माण से जुड़े तकनीकी दस्तावेज मांगे हैं।

दोनों संस्थान एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके आधार पर यह तय होगा कि क्या अतिरिक्त सुदृढ़ीकरण, मरम्मत की जरूरत है। ये ब्रिज पहले दिल्ली पर्यटन विभाग के पास था। ये 1,518.37 करोड़ रुपये में बना था और साथ ही पर्यटन विभाग को तीन साल तक इसके रखरखाव का बजट भी दिया गया था। बाद में पर्यटन विभाग ने इसे पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया।

Back to top button