स्किन केयर का नया सुपरहीरो या सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड?

आजकल सोशल मीडिया पर आपने लोगों को अपने चेहरे, बिस्तर और यहां तक कि किचन के काउंटरों पर एक स्प्रे छिड़कते हुए देखा होगा। इसे हाइपोक्लोरस एसिड (HOCl) कहा जाता है।
दावा किया जा रहा है कि यह मुंहासों को ठीक करने से लेकर घर को सैनिटाइज करने तक सब कुछ कर सकता है। लेकिन क्या वाकई यह इतना असरदार है या सिर्फ सोशल मीडिया का बनाया गया एक नया हाइप है? आइए जानते हैं इसके बारे में।
त्वचा के कैसे फायदेमंद है?
हाइपोक्लोरस एसिड में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इन्फेक्शन से बचने और सूजन कम करने में मददगार हैं।
कीटाणुओं का खात्मा- यह त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को खत्म कर सकता है, जिससे एक्जिमा और मुंहासे जैसी समस्याओं में मदद मिलती है।
सेंसिटिव त्वचा के लिए सुरक्षित- इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचाए बिना काम करता है। इसलिए सेंसिटिव त्वचा वाले लोग भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
घाव भरने में मददगार- डॉक्टर इसे मामूली जलन, कीड़े के काटने और घावों को जल्दी ठीक करने के लिए भी रिकमेंड करते हैं।
घर की सफाई में भी मददगार और सुरक्षित
HOCl केवल ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि एक बेहतरीन डिसइन्फेक्टेंट भी है। यह सतहों पर मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को मार सकता है। ब्लीच जैसे हार्ड केमिकल की तुलना में यह बच्चों और पालतू जानवरों के आसपास इस्तेमाल करने के लिए काफी सुरक्षित है। आप इसे घर की सतहों और कपड़ों पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस्तेमाल का सही तरीका क्या है?
सफाई के बाद- चेहरे को धोने के बाद और सीरम या मॉइस्चराइजर लगाने से पहले इसे स्प्रे करें।
सूखने दें- स्प्रे करने के बाद इसे सूखने दें, फिर दूसरे प्रोडक्ट लगाएं। कॉटन पैड पर इसे स्प्रे करके थपथपाकर लगाएं।
धीरे-धीरे शुरुआत- शुरुआत में हफ्ते में 1-2 बार इस्तेमाल करें। अगर आपकी त्वचा इसे झेल लेती है, तो आप इसे दिन में 2-3 बार तक बढ़ा सकते हैं।
क्या इसके कुछ नुकसान भी हैं?
हालांकि, HOCl ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
पैच टेस्ट- किसी भी नए प्रोडक्ट की तरह, इसे शरीर के बड़े हिस्से पर लगाने से पहले एक छोटे पैच पर टेस्ट जरूर करें।
एलर्जी और ड्राईनेस- कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है या त्वचा में ड्राईनेस महसूस हो सकता है।
इंग्रिडियेंट चेक करें- हमेशा ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिनमें खुशबू या अल्कोहल न हो। 0.01% से 0.02% की कम कॉन्सनट्रेशन और 4 से 6 के बीच pH वाले प्रोडक्ट सबसे असरदार होते हैं।





