मध्य प्रदेश में फिर बिगड़ा मौसम, फरवरी की शुरुआत बारिश से,आज 25 जिलों में अलर्ट

मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन मावठे की बारिश का असर रहेगा। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रीवा-सागर समेत 25 जिलों में बारिश और कई इलाकों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। रविवार को नीमच-मंदसौर में ओले गिरे, जबकि कई जिलों में बारिश और घना कोहरा छाया रहा। कम विजिबिलिटी से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में अगले तीन दिन तक मावठे की बारिश सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर से लेकर विंध्य क्षेत्र तक 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय कई इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिला, जिससे ठंड और बढ़ गई है। रविवार को भी मौसम ने जमकर रंग दिखाया। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे, वहीं ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
इन 25 जिलों में सोमवार को बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश हो सकती है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, रायसेन और सीहोर समेत कई जिलों में कोहरे का असर भी बना रह सकता है।
अगले तीन दिन का मौसम अपडेट
3 फरवरी: ग्वालियर-चंबल और विंध्य क्षेत्र के जिलों भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश के आसार।
4 फरवरी: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
5 फरवरी:बारिश का अलर्ट नहीं, लेकिन ठंड का असर और तेज हो सकता है।
कोहरे ने रोकी रफ्तार, विजिबिलिटी बेहद कम
सोमवार सुबह प्रदेश के कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा। दतिया और खजुराहो में विजिबिलिटी घटकर 50 से 200 मीटर तक पहुंच गई। भोपाल में भी कोहरे का असर बना रहा। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया।
ओलों से फसलों को नुकसान
नीमच और मंदसौर में हुई ओलावृष्टि से कई गांवों में जमीन पर बर्फ की सफेद परत जम गई। तेज बारिश के कारण गेहूं की फसलें आड़ी हो गईं, जिससे नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले भी जनवरी के आखिरी हफ्ते में ओलावृष्टि और बारिश ने गेहूं, चना और सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था।
क्यों बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय रहेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसके अलावा जेट स्ट्रीम हवाओं की वजह से सर्द हवाएं चल रही हैं। रविवार को उत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम दर्ज की गई।
सिस्टम लौटेगा तो बढ़ेगी ठंड
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों तक पहुंचेगा। मौसम विभाग का कहना है कि सिस्टम के लौटने के बाद मध्य प्रदेश में ठंड का एक और तेज दौर देखने को मिल सकता है। दिन और रात के तापमान में गिरावट तय मानी जा रही है।





