ड्रग्स माफियाओं पर पुलिस का कहर, रिकॉर्ड 55 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त

दौसा पुलिस ने मादक पदार्थों के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 55 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स जब्त किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर राणा के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें पिछले साल की तुलना में जब्ती में 50 गुना वृद्धि हुई। इस अभियान ने नशे के बड़े नेटवर्क को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जिले में नशे के काले कारोबार के खिलाफ दौसा पुलिस ने एक मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने बताया कि इस अभियान में रिकॉर्ड स्तर की जब्ती और कानून का भय पैदा करने वाली कार्रवाई ने न केवल छोटे पेडलर, बल्कि बड़े सप्लायरों को भी भूमिगत कर दिया।
वर्ष 2024 में पुलिस ने लगभग 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा उछलकर 55 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इस सफलता का सीधा अर्थ है कि पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क और उनके अंतरराज्यीय कनेक्शन को सफलतापूर्वक नष्ट किया। एसपी सागर राणा ने कहा कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालना पुलिस की प्राथमिकता है।
जनता का सहयोग बना कार्रवाई की कुंजी
इस बड़ी सफलता के पीछे केवल पुलिस की सख्ती ही नहीं, बल्कि आमजन का अटूट विश्वास और सहयोग भी शामिल है। जिले के लोगों ने निडर होकर नशे के अवैध अड्डों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस के साथ साझा की। इसी जन-सहयोग के चलते पुलिस ने बड़े सप्लायरों तक अपनी पहुँच बनाई। मुकदमों की संख्या में हुई वृद्धि यह साबित करती है कि अब जिले में नशे के कारोबारियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है।
अपराध और नशे का गहरा संबंध
अक्सर चोरी, लूट और आपसी झगड़ों के पीछे नशे का हाथ माना जाता है। दौसा पुलिस की यह कार्रवाई आमजन के भरोसे को मजबूत करती है कि अगर नशे पर लगाम लगेगी, तो अन्य अपराधों में भी कमी आएगी। एसपी सागर राणा ने स्पष्ट किया कि नशे की तस्करी करने वाले या उसका उपयोग करने वाले किसी को भी कानून में रियायत नहीं मिलेगी। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि ‘क्लीन दौसा’ अभियान में आमजन निडर होकर सहयोग कर सके।





