सुनेत्रा पवार आज ले सकती हैं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

यदि कोई दिक्कत नहीं रही तो सुनेत्रा पवार को नेता चुने जाने के बाद उनका शनिवार को ही शपथ ग्रहण हो सकता है। इससे पहले प्रफुल पटेल ने प्रेस से बात में कहा था कि वह पवार परिवार से मिलकर आगे की योजना पर बात करेंगे। सुनेत्रा के पार्टी विधायक दल का नया नेता बनने पर कोई विरोध नहीं है।

बुधवार को बारामती में एक विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित पांच लोगों की मृत्यु हो गई थी। गुरुवार को बारामती में ही उनका अंतिम संस्कार हुआ और शुक्रवार को बारामती के करहा एवं नीरा नदी के संगम पर उनका अस्थि विसर्जन कर दिया गया।

अजित पवार के निधन के बाद से कयास लग रहे थे कि उनके स्थान पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बन सकती हैं। कार्यकर्ताओं एवं कुछ वरिष्ठ नेताओं की ओर से भी यही मांग उठ रही थी, ताकि पार्टी को एकजुट रखा जा सके।

सुनेत्रा पवार पिछला लोकसभा चुनाव हार गईं थी

सुनेत्रा पवार पिछला लोकसभा चुनाव अपनी ननद सुप्रिया सुले से हार गई थीं। उसके बाद अजीत पवार ने उन्हें राज्यसभा की सदस्यता दिलवाकर दिल्ली की राजनीति में भेज दिया था। यदि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो अजीत पवार के निधन से रिक्त हुई बारामती विधानसभा सीट से चुनाव भी वही लड़ेंगी।

ऐसी स्थिति में उनके ज्येष्ठ पुत्र पार्थ पवार को उनके स्थान पर राज्यसभा भेजा जा सकता है। इस बीच, एक सूत्र ने बताया कि राकांपा (शरद पवार) और शरद पवार के परिवार के सदस्यों को सुनेत्रा पवार की योजनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वे इस मामले में पूरी तरह अंधेरे में हैं।

दोनों राकांपा में विलय की चर्चाएं भी तेज

अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा एवं उनके चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विलय की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ये चर्चाएं अजीत पवार के जीवित रहते ही चल रही थीं। पिछले डेढ़ माह के अंदर दोनों पार्टियों के विलय को लेकर 14 बैठकें हो चुकी हैं।

अजित पवार के निधन के कुछ ही दिन पहले उनकी शरद पवार से भी इस सिलसिले में बैठक हो चुकी थी। बताते हैं कि जिला परिषद चुनावों के तुरंत बाद फरवरी के दूसरे सप्ताह में विलय की घोषणा की जानी थी। लेकिन इसी बीच अजीत पवार की मृत्यु हो गई। उनके निधन से उपजे शून्य के फलस्वरूप दोनों पार्टियों के विलय की जरूरत और ज्यादा महसूस की जाने लगी है।

सुनेत्रा पवार और उनके पुत्र राकांपा संभाल सकते हैं

यदि राकांपा, सुनेत्रा पवार और उनके पुत्र पार्थ एवं जय पवार सहमत होते हैं, तो जल्दी ही दोनों पार्टियों के विलय की औपचारिकता पूरी की जा सकती है। ऐसी स्थिति में शरद पवार संगठन एवं सत्ता में अजित पवार के परिवार को सम्मानजनक पद एवं प्रतिष्ठा देकर स्वयं पूरी पार्टी का नेतृत्व संभाल सकते हैं।

लेकिन इसके लिए शरद पवार को महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी से नाता तोड़कर सत्तारूढ़ महायुति एवं राष्ट्रीय स्तर पर राजग का हिस्सा बनना पड़ेगा। क्योंकि अजित पवार की पार्टी के 40 विधायक सत्ता छोड़कर विपक्ष में बैठना कतई पसंद नहीं करेंगे। यदि शरद पवार एवं भाजपा नेतृत्व इसके लिए राजी होता है, तो अजित पवार के निधन का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

सीआइडी ने शुरू की विमान दुर्घटना की जांच

महाराष्ट्र के अपराध जांच विभाग (सीआइडी) ने बारामती विमान दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि पुणे ग्रामीण पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-194 के तहत आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है और इसे सीआइडी को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीम बारामती में दुर्घटनास्थल का भी दौरा करेगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत काम करने वाला विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) भी हादसे की जांच कर रहा है।

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