खन्ना में कारोबारी के घर फायरिंग: मुंहबोले भाई ने रची थी पूरी साजिश, पांच आरोपी गिरफ्तार

अमित को आशु विजन की आर्थिक स्थिति, प्रॉपर्टी और लेन-देन की पूरी जानकारी थी। उसे यह भी पता था कि अगर आशु विजन को जान का खतरा महसूस होगा, तो वह रंगदारी देने को मजबूर हो सकता है। अमित की योजना थी कि रंगदारी की रकम आने पर वह उसका बड़ा हिस्सा खुद हड़प लेगा।
खन्ना के नामी फैशन डिजाइनर और कपड़ा व्यापारी आशु विजन के घर पर 19 जनवरी की रात हुई फायरिंग और कार जलाने की कोशिश मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
जांच में सामने आया है कि गोल्डी बराड़ के साथियों से मिलकर यह पूरी साजिश आशु विजन के मुंहबोले भाई अमित कुमार लाडी ने ही रची थी।
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। एसएसपी ने बताया कि यह केस केवल फायरिंग का नहीं, बल्कि फिरौती, गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी कहानी है।
एसएसपी के अनुसार, 25 दिसंबर 2025 को आशु विजन को एक व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ बताते हुए पांच करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की। कॉल में साफ धमकी दी गई थी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस को अंदेशा था कि मामला किसी बड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस जांच में सामने आया कि पांच करोड़ की रंगदारी नहीं देने पर अपराधियों ने डर का माहौल बनाने के लिए 19 जनवरी की रात आशु विजन के घर पर फायरिंग करवाई। उनकी कार को आग लगाने की भी कोशिश की गई, ताकि साफ संदेश दिया जा सके कि धमकी सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस के सामने सबसे चौंकाने वाली बात आई। पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि आशु विजन का मुंहबोला भाई अमित कुमार उर्फ लाडी निकला। अमित लाडी सब्जी मंडी, खन्ना का नामवर आढ़ती है और उसके कई सियासी नेताओं और पुलिस अफसरों से करीबी संबंध हैं।
पुलिस के अनुसार, अमित को आशु विजन की आर्थिक स्थिति, प्रॉपर्टी और लेन-देन की पूरी जानकारी थी। उसे यह भी पता था कि अगर आशु विजन को जान का खतरा महसूस होगा, तो वह रंगदारी देने को मजबूर हो सकता है। अमित की योजना थी कि रंगदारी की रकम आने पर वह उसका बड़ा हिस्सा खुद हड़प लेगा। इस साजिश को अंजाम देने के लिए अमित लाडी ने अपने साथी ईश्वर सिंह रंधावा, जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है, को साथ मिलाया। इसके बाद इन दोनों ने विक्की वाट्स से संपर्क किया, जो मोहाली में जिम चलाता है और वेटलिफ्टिंग का शौकीन है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विक्की वाट्स के खिलाफ पहले से ही तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। विक्की ने अपने संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ाव दिखाया और गोल्डी बराड़ के नाम से कॉल करवाने की व्यवस्था की, ताकि धमकी को असली गैंगस्टर का रूप दिया जा सके। इसके बाद परमवीर सिंह और हरप्रीत सिंह का साथ लिया गया। जब धमकियों के बावजूद रंगदारी नहीं मिली, तो साजिशकर्ताओं ने शूटर हायर किए। पुलिस के मुताबिक, उक्त आरोपियों ने शूटर्स को हथियार, मोटरसाइकिल और पूरी लॉजिस्टिक मदद दी गई। 19 जनवरी को इन्हीं शूटर्स ने आशु विजन के घर पर फायरिंग की और उनकी कार को जलाने की कोशिश की।
एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने बताया कि इस केस में कई टीमों का गठन कर तेजी से कार्रवाई की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी अमित कुमार उर्फ लाडी, ईश्वर सिंह रंधावा, विक्की वाट्स, परमवीर सिंह और हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। शूटर्स की तलाश जारी है। गोल्डी बराड़ की भूमिका की जांच की जा रही है।





