कफ सिरप कांड: विकास सिंह समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

कफ सिरप कांड में शामिल विकास सिंह दो बार नेपाल भागने की फिराक में था। पुलिस ने जाल बिछाकर विकास समेत सिंडीकेट में शामिल तीन आरोपियों को धर दबोचा।

कफ सिरप कांड में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद फरार चल रहा विकास सिंह नरवे दो बार नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन वाराणसी पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि विकास सिंह और अंकित श्रीवास्तव के इस सिंडीकेट ने हवाला नेटवर्क के जरिये करीब 34 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया है। जबकि आकाश पाठक उर्फ लल्लू कारोबार का हिसाब रखता और लेनदेन करता था। गिरफ्तार अभियुक्तों के तार कई राज्यों तक फैले हैं।

लंबे समय से सक्रिय था ये नेटवर्क
यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए बोगस फर्मों का इस्तेमाल किया जा रहा था। सिंडीकेट से जुड़े शुभम, विकास सिंह नरवे, दिवेश जायसवाल समेत अन्य साथी कागजों पर फर्जी खरीद–फरोख्त दिखाकर अवैध धन को वैध रूप देने का खेल खेल रहे थे। हवाला के माध्यम से रकम इधर-उधर ट्रांसफर की जाती थी, ताकि किसी एजेंसी की नजर न पड़े।

जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्तों ने अलग–अलग नामों से कई फर्जी कंपनियां और फर्में बना रखी थीं। इन फर्मों के खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ, जबकि जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक व्यापार नहीं था। बैंक खातों, जीएसटी दस्तावेज़ों और लेन-देन के रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।

लगातार ठिकाने बदल रहा था विकास सिंह
पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद विकास सिंह नरवे लगातार ठिकाने बदल रहा था और दो बार नेपाल सीमा पार करने की कोशिश कर चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने निगरानी बढ़ाई और सटीक रणनीति के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

पुलिस का कहना है कि इस सिंडीकेट के जरिए किए गए हवाला कारोबार की रकम 34 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। जांच आगे बढ़ने पर आंकड़ा और बढ़ने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा। मामले में ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचना दी गई।

फिलहाल तीनों गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस हवाला रैकेट से जुड़े अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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