Gold के बाद चांदी पर बड़ा दांव लगाने जा रही सरकारी कंपनी, रीसाइक्लिंग के जरिए करेगी डिमांड पूरी

कीमती धातुओं की रिफाइनिंग करने वाली कंपनी एमएमटीसी-पीएएमपी (MMTC-PAMP) ने अपने मौजूदा स्टोरों पर 3 महीने के अंदर पायलट आधार पर चांदी की रीसाइक्लिंग शुरू करने की योजना बनाई है। कंपनी के एक टॉप एग्जीक्यूटिव ने कहा कि बढ़ती मांग के कारण आपूर्ति पक्ष में गंभीर अड़चनें पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। एमएमटीसी-पीएएमपी के एमडी और सीईओ समित गुहा ने कहा कि कंपनी चांदी रीसाइक्लिंग में इसलिए उतर रही है, क्योंकि अब इसका अर्थशास्त्र ज्यादा अनुकूल है, जबकि बढ़ती मांग के बावजूद वैश्विक खान उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
क्यों है रीसाइक्लिंग की तैयारी?
गुहा ने कहा, ”अगर चांदी की मांग इसी तरह बनी रही, तो हमें आपूर्ति पक्ष में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए रीसाइक्लिंग की गई चांदी को इस कमी को पूरा करने के लिए बड़ी भूमिका निभानी होगी।” उन्होंने सरकार से चांदी की रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय परिवारों के पास अनुमानित 25,000 टन सोना और उससे दस गुना मात्रा में चांदी है।
कितने स्टोर चलाती है एमएमटीसी-पीएमएपी?
एमएमटीसी-पीएएमपी सोना रीसाइक्लिंग के लिए 20 स्टोर ऑपरेट करती है, जिन्हें चांदी संभालने के लिए भी तैयार किया जा सकता है। कंपनी अगले पांच वर्षों में अपने स्टोरों की संख्या दोगुनी करने की योजना बना रही है।
कहां से होगी शुरुआत?
गुहा ने कहा, ”हमें स्टोरों पर अपने कुछ इक्विपमेंट को एडवांस्ड करने और चांदी को धातु के रूप में संभालने के लिए उन्हें रीऑर्गेनाइज्ड करने की आवश्यकता है। हमें कुछ ट्रेनिंग देने की जरूरत है। हम अपने कुछ स्टोरों में एक प्रायोगिक परियोजना शुरू करेंगे और फिर इसे आगे बढ़ाएंगे।” उन्होंने कहा कि यह प्रायोगिक परियोजना तीन से चार महीनों के भीतर दिल्ली में शुरू की जाएगी।





