एम्स ने बताया मेनोपॉज के बाद हड्डियां कमजोर होने की असली वजह

 लाखों महिलाएं रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों की कमजोरी के चलते दर्द, बार-बार फ्रैक्चर होने जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के नए शोध से इसके प्रभावी उपचार की उम्मीद बढ़ गई है। शोध की मानें तो इस बीमारी का कारण कैल्शियम या विटमिन-डी की कमी एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि आंत, प्रतिरक्षा तंत्र और हड्डियों का असंतुलन भी जिम्मेदार होता है। एम्स के शोध से लक्षित दवा विकसित करने का रास्ता खुल गया है। 

समझें बीमारी की असली जड़ 

रजोनिवृत्ति के बाद हार्मोनल बदलाव आंतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया और प्रतिरक्षा तंत्र को प्रभावित करते हैं। इससे हड्डियों को गलाने वाली कोशिकाएं (आस्टियोक्लास्ट) अधिक सक्रिय हो जाती हैं, जिससे हड्डियों की सघनता तेजी से घटने लगती है। 

शोध ने जगाई उम्मीद 

एम्स के शोध में पोस्ट- मैनोपाजल अस्टियोपोरोसिस का एक माडल तैयार कर चूहों पर अध्ययन किया गया। इसमें एक सुरक्षित प्रो बैक्टीरिया ‘बेसिलस कोएगुर्लेस’ का प्रयोग किया गया। शोध में पाया गया कि आंतों की सूजन में कमी आई, हड्डियों की घनता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। चूहों पर मिले सकारात्मक परिणामों के आधार पर अब मानव स्तर पर क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी की जा रही है। 

हड्डियों का क्षरण हो सकता है कम 

बेसिलस कोएगुलेंस आंत में बनने वाले शार्ट चेन फैटी एसिड, खासकर ब्यूटिरेट के स्तर को बढ़ाता है। यही तत्व सूजन नियंत्रित कर हड्डियों का क्षरण धीमा करता है। यही सिद्धांत नई दवा की नींव बनेगा। 

विशेषज्ञ की राय

डॉ. जेबी शर्मा (पूर्व प्रो. स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एम्स, दिल्ली) बताते हैं कि आस्टियोपोरोसिस मेनोपाज के बाद महिलाओं में एक साइलेंट बीमारी है। जब फ्रैक्चर होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। यदि आंत और प्रतिरक्षा तंत्र को लक्ष्य बनाकर दवा विकसित होती है, तो यह इलाज के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकती है।

डॉ. रूपेश श्रीवास्तव (बायोटेक्नोलाजी विभाग, एम्स, नई दिल्ली) बताते हैं कि अध्ययन से यह स्पष्ट है कि पोस्ट मेनोपाजल आस्टियोपोरोसिस केवल कैल्शियम की कमी से होने वाली बीमारी नहीं है। आंत, प्रतिरक्षा तंत्र और हड्डियों के बीच संतुलन बिगड़ने से यह बीमारी जन्म लेती है। चूहों पर मिले सकारात्मक परिणाम भविष्य में एक लक्षित दवा के विकास की मजबूत नींव तैयार करेंगे।

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