BCCL के बाद कोल इंडिया की एक और कंपनी मचाएगी धूम! ला रही IPO

 कोल इंडिया भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की बंपर 96.56 फीसदी की प्रीमियम लिस्टिंग के बाद अपनी एक और सब्सडियरी कंपनी का IPO लाने वाली है। अगर आप भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की शानदार लिस्टिंग में कमाई करने से चूक गए हैं, तो निराश न हों। सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया (Coal India) अपने निवेशकों के लिए कमाई का एक और मौका लेकर आ रही है।

कोल इंडिया भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद नया प्लान बना रही है। वह अपनी कोकिंग कोल और नॉन-कोकिंग कोल संपत्तियों से मूल्य बढ़ाने के लिए अधिक सहायक कंपनियों को लिस्ट करने की तैयारी कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से अपनी बीसीसीएल में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है और अगले छह महीनों के भीतर बची 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है।

कोल इंडिया अपनी एक अन्य सहायक कंपनी, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट के लिए फरवरी में निवेशक रोडशो शुरू करेगी, और मार्च तक आईपीओ लाने की योजना है। आईपीओ, जो कि बिक्री प्रस्ताव होने की उम्मीद है, बीसीसीएल और सीआईएल के समान होगा, क्योंकि वे शुरू में 10-15 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश करेंगे।

साल 2022 में, कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ने बीसीसीएल की 25 प्रतिशत चुकता शेयर पूंजी के विनिवेश और उसके बाद स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। हालांकि, उस समय सहायक कंपनियां लिस्ट नहीं थीं। बीसीसीएल देश में खनन किए गए कोकिंग कोयले का अधिकांश हिस्सा उत्पादित करता है, जो इसकी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में घरेलू कोकिंग कोयले के उत्पादन का 58.50 प्रतिशत है।

Next IPO : कौन सी है अगली कंपनी?

कोल इंडिया की नजर अब अपनी कंसल्टेंसी फर्म ‘सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट’ (CMPDI) पर है। कंपनी CMPDI में अपनी 10-15% हिस्सेदारी बेचने (Disinvestment) की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए फरवरी में इन्वेस्टर रोडशो शुरू होंगे और मार्च तक इसका IPO लॉन्च किया जा सकता है।

क्या करती है CMPDI?

रांची स्थित CMPDI कोई साधारण कंपनी नहीं है। यह कोल इंडिया की ‘ब्रेन’ (Brain) मानी जाती है। यह कंपनी मिनरल एक्सप्लोरेशन (खनिज अन्वेषण), माइनिंग प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग में रिसर्च और सपोर्ट देती है। कंसल्टेंसी बिजनेस होने के कारण इसके मार्जिन और बिजनेस मॉडल माइनिंग कंपनियों से अलग और आकर्षक हो सकते हैं।

BCCL ने किया मालामाल

हाल ही में लिस्ट हुई BCCL ने बाजार में तहलका मचा दिया था। इसकी लिस्टिंग 96.56% प्रीमियम पर हुई थी। वित्तीय वर्ष 2025 में BCCL ने 1,240.19 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। कोल इंडिया अब BCCL में बची हुई 15% हिस्सेदारी भी अगले 6 महीनों में बेचने वाली है।

2030 तक का ‘मेगा प्लान’

कोल इंडिया सिर्फ यहीं नहीं रुकने वाली। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी सभी सहायक कंपनियों (Subsidiaries) को लिस्ट कराने का है। कतार में अगली कंपनियां महानदी कोलफील्ड्स (MCL) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स (SECL) हैं। ये दोनों कंपनियां देश के कोयला उत्पादन में 50% हिस्सेदारी रखती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button