जिसका हुआ अंतिम संस्कार, वह बहन के घर सोता मिला

छत्तीसगढ़ (कांकेर)। बांदे थाना इलाके के उलिया गांव में एक ग्रामीण के अंतिम संस्कार के बाद उसके जीवित रहने का मामला आया है। जानकारी के अनुसार ग्राम उलिया में 13 जुलाई को एक ग्रामीण की हत्या कर उसकी लाश को पेड़ की टहनियों में छिपा दिया गया था। लाश की पहचान गांव के ही ललसूराम के रूप में की गई थी।

शिनाख्ती के दौरान ग्रामीणों के साथ ललसूराम के पिता रमसूराम भी थे। इसकी जानकारी बांदे थाने में दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस ने ललसू के परिजनों को सौंप दिया। जिसके बाद गांव वालों और परिजनों ने मिलकर शव का अंतिम संस्कार किया।
जब क्रियाकर्म के लिए सूचना देने ललसू के परिजन पास के ही ग्राम माड़ पखांजूर पहुंचे तो वहां ललसूराम गावड़े अपने बहन के घर सोया था। जिस पर क्रियाकर्म की सूचना देने पहुंचा ग्रामीण ग्राम उलिया वापस आ गया और गांव में ललसू के जिंदा होने की खबर दी। यह खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई।
मामले की सूचना बांदे पुलिस थाना में भी दी गई। थाना प्रभारी नरेश देशमुख ने बताया कि स्वयं गांव वालों ने बताया था कि शव ललसू का है। जिसके चलते शव उसके परिजनों को दिया गया। पुलिस अब नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।
चूंकि मामला हत्या का है अतः धारा 302 के तहत अज्ञात युवक की हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। देशमुख ने बताया कि पुलिस के पास दोहरी चुनौती है कि एक तो अज्ञात हत्यारों का पता करना और दूसरा जिस शव को दफनाया गया उसकी शिनाख्तय करना। पुलिस के अनुसार दफनाए गए शव को फिर से निकाला जा सकता है।





