पुणे-पिंपरी चुनाव में हार के बाद अजित पवार ने बदले सुर, कहा- हार पर चर्चा होगी

अजित पवार ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ निकाय चुनावों में भाजपा की जीत पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निराश न होने और हार की समीक्षा करने को कहा। इसके साथ ही पवार ने स्पष्ट किया कि शरद पवार से उनकी मुलाकात एक प्रदर्शनी के दौरान हुई थी, पार्टी विलय के लिए नहीं।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार को भाजपा को जीत की बधाई दी। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में भाजपा ने अजित पवार की एनसीपी और एनसीपी (एसपी) गठबंधन को हरा दिया है। इन चुनावों के नतीजे एक दिन पहले ही आए थे।

क्या बोले उपमुख्यमंत्री पवार?
चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार ने भाजपा पर काफी तीखे हमले किए थे। उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार और विकास रोकने के आरोप लगाए थे। जवाब में भाजपा ने भी उन्हें अपने गिरेबान में झांकने की सलाह दी थी। लेकिन शनिवार को मीडिया से बात करते हुए पवार के सुर बदले हुए थे। पवार ने कहा कि मतदाता सबसे अहम हैं।

हार के कारणों पर होगी चर्चा
भाजपा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में यह चुनाव लड़ा और बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हार के कारणों पर चर्चा करेगी। कार्यकर्ताओं को निराश होने के बजाय काम करते रहना चाहिए। विपक्ष के ईवीएम पर सवाल उठाने को लेकर पवार ने कहा कि वे इस पर कुछ नहीं बोलेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हारने पर आरोप लगाना स्वाभाविक है, लेकिन जीत के बाद कोई सवाल नहीं उठाता।

भाजपा को दी बधाई
उन्होंने कहा, “मतदाता महत्वपूर्ण हैं, और हर राजनीतिक पार्टी को अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। भाजपा ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, और मैं पार्टी को उसके प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूं। ये नगर निगम चुनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा ने लड़े थे, और दूसरी पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा।” उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस हार से निराश नहीं होना है, बल्कि काम करते रहना है।

पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में हार के संभावित कारणों के बारे में पूछे जाने पर, जो कभी एनसीपी और पवार परिवार का गढ़ था, उन्होंने कहा, “नतीजे घोषित हुए अभी सिर्फ 24 घंटे हुए हैं। पार्टी बैठकर नतीजों पर चर्चा करेगी। मीडिया ने भी पार्टी के लिए अनुकूल माहौल का अनुमान लगाया था, लेकिन मीडिया के अनुमान भी गलत साबित हुए।”

क्या रहा सीटों का समीकरण?
आंकड़ों की बात करें तो पुणे में भाजपा ने 119 सीटें जीतीं। जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी 27 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसकी सहयोगी एनसीपी (एसपी) को तीन सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस को 15 सीटें मिलीं। पिंपरी चिंचवड़ में, भाजपा को 128 सदस्यीय सामान्य निकाय में 84 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिला।

शरद पवार के साथ नहीं हुई राजनीतिक बैठक
अजित पवार ने शरद पवार के साथ किसी भी तरह की राजनीतिक बैठक से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे बारामती में एक कृषि प्रदर्शनी के लिए आए थे, जहां शरद पवार भी मौजूद थे। दोनों गुटों के विलय की कोई चर्चा नहीं हुई है। महायुति गठबंधन पर उन्होंने कहा कि हम साथ काम कर रहे हैं।

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