लड़की का अपहरण और धर्मांतरण का आरोप: लव जिहाद मामले पर जांस्कर बौद्ध संघ ने जताई चिंता

जांस्कर बौद्ध संघ ने एक युवा बौद्ध महिला के कथित अपहरण और जबरन धर्मांतरण के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले रोकने में नाकामी से संवेदनशील क्षेत्र में सामाजिक तनाव फैल सकता है।
जांस्कर बौद्ध संघ ने क्षेत्र की एक युवा बौद्ध महिला के कथित अपहरण, जबरन धर्मांतरण और तथाकथित लव जिहाद की एक बड़ी साजिश का शिकार होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन को निशाने पर लिया है। संघ ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराने, लापता युवती को बरामद करने और लद्दाख में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यह घटना पूर्व-नियोजित पैटर्न का हिस्सा है और यदि ऐसे मामले रोके नहीं गए तो संवेदनशील क्षेत्र में सामाजिक तनाव फैल सकता है।
जांस्कर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट को लिखे पत्र में जांस्कर बौद्ध संघ ने स्टांजिन यांगडोल नामक बौद्ध युवती का मामला उठाया है जो बीते कई दिनों से लापता बताई जा रही है। संघ के अनुसार यांगडोल के माता-पिता ने जांस्कर बौद्ध संघ को बताया कि रिश्तेदारों और मित्रों के बीच व्यापक खोजबीन के बावजूद उसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। उन्हें आशंका है कि उसका अपहरण कर उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे कहीं बंधक बनाकर रखा गया है।
संघ ने कहा कि ऐसे मजबूत और तर्कसंगत आधार हैं जिनसे यह विश्वास होता है कि कई मामलों में बौद्ध लड़कियों का धर्मांतरण उनकी स्वतंत्र, स्वैच्छिक और सूचित सहमति से नहीं बल्कि धोखे, प्रलोभन या गलत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कराया जा रहा है। पत्र में आगे दावा किया गया कि इस तरह की घटनाएं एक समान और पूर्व-नियोजित पैटर्न का पालन करती प्रतीत होती हैं। संघ का आरोप है कि दोषी तत्व युवतियों को गलत सूचना, मानसिक दबाव और उनकी कमजोरियों का फायदा उठाकर फंसाते हैं और उन्हें उनके परिवारों व सहारा तंत्र से अलग कर देते हैं, जिसे अब लव जिहाद कहा जा रहा है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि बौद्ध लड़कियों और मुस्लिम पुरुषों के बीच विवाह वास्तव में आपसी सहमति और स्वतंत्र इच्छा पर आधारित हैं तो ऐसे विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत संपन्न किए जा सकते हैं।
हालांकि संघ ने आरोप लगाया कि सामने आए मामलों में केवल महिलाओं का ही धर्म बदला जाता है जबकि पुरुष धर्म परिवर्तन नहीं करते। इसे संघ ने एकतरफा और बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न बताते हुए ऐसे धर्मांतरणों की स्वैच्छिकता और वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जांस्कर बौद्ध संघ की लोगों को जागरूक करने की अपील : संभावित सांप्रदायिक तनाव की चेतावनी देते हुए जांस्कर बौद्ध संघ ने प्रशासन, समुदाय के नेताओं और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे ऐसे कृत्यों के खिलाफ लोगों को जागरूक करें जो सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसी घटनाएं यदि जारी रहीं तो बहु-धार्मिक और संवेदनशील क्षेत्र लद्दाख में इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं। इस बीच तेनजिन नामक एक युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, लद्दाख की एक और बौद्ध लड़की लव जिहाद की शिकार हुई है।
प्रेम के नाम पर धर्मांतरण को रोका जाना चाहिए और इसकी जांच होनी चाहिए। यह पिछले एक महीने में ये दूसरा मामला है। अब केंद्र शासित प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को जागना चाहिए। उसने आगे लिखा, प्यार आपके साथी से उसका धर्म और नाम बदलने की मांग नहीं करता। अगर ऐसा है तो समझना चाहिए कि यह जानबूझकर किया गया है और इस प्रक्रिया में कई लोग इसे प्रोत्साहित और समर्थन कर रहे हैं। जांस्कर बौद्ध संघ की ओर से लिखे गए पत्र में यह भी मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 138, 127, 318, 69, 87 तथा अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।





