असम का जायका: सिर्फ चाय ही नहीं, यहां का ‘वेजिटेरियन खाना’ भी है लाजवाब

जब भी हम असम का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले हरे-भरे चाय के बागान और काजीरंगा नेशनल पार्क की छवि उभरकर आती है। खाने की बात हो, तो लोगों को लगता है कि असमिया खाना सिर्फ ‘नॉन-वेज’ खाने वालों के लिए है।

हालांकि, यह सच नहीं है। असम का शाकाहारी खाना इतना स्वादिष्ट और अनोखा है कि एक बार चखने के बाद आप अपनी उंगलियां चाटते रह जाएंगे। जी हां, असमिया भोजन की खासियत है इसका सादगी भरा स्वाद। यहां मसालों का बहुत कम इस्तेमाल होता है, लेकिन ताजी जड़ी-बूटियों और सरसों के तेल का जादू हर डिश को खास बना देता है।

आइए जानते हैं असम की उन 9 वेजिटेरियन डिशेज (Assamese Vegetarian Dishes) के बारे में, जिन्हें आपको अपनी ‘बकेट लिस्ट’ में जरूर शामिल करना चाहिए।

खार

असमिया थाली की शुरुआत हमेशा ‘खार’ से होती है। यह एक बहुत ही अनोखी डिश है जिसे कच्चे पपीते, दाल या सब्जियों और केले के तने की राख से बनाया जाता है। यह पढ़ने में अजीब लग सकता है, लेकिन इसका स्वाद बहुत सौम्य होता है और यह पेट के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

आलू पिटिका

अगर आपको आलू पसंद है, तो आलू पिटिका आपका फेवरेट बन जाएगा। यह उबले हुए आलू, कच्चा सरसों का तेल, प्याज, धनिया और हरी मिर्च को मैश करके बनाया जाता है। यह बिहार के चोखा जैसा है, लेकिन सरसों के तेल की खुशबू इसे एक अलग ही लेवल पर ले जाती है। आमतौर पर यहां इसे दाल-चावल के साथ खाया जाता है।

ढेकिया साग

यह असम का सबसे लोकप्रिय साग है। यह एक खास तरह का ‘फर्न’ होता है, जो नदी के किनारों पर उगता है। इसे अक्सर चने की दाल या आलू के साथ पकाया जाता है। इसका कुरकुरापन और अनोखा स्वाद आपको किसी और साग में नहीं मिलेगा।

बोरोर टेंगा

असम में खट्टी करी को ‘टेंगा’ कहते हैं। यह डिश मसूर दाल के वड़ों को खट्टी ग्रेवी में पकाकर बनाई जाती है। खटास के लिए इसमें टमाटर या नींबू का इस्तेमाल होता है। बता दें, गर्मियों के दिनों में चावल के साथ यह डिश बहुत सुकून देती है।

ओउ टेंगा

‘ओउ टेंगा’ असम का एक खास फल है, जिसे अंग्रेजी में एलिफेंट एप्पल भी कहते है। इसकी सब्जी या करी बहुत ही स्वादिष्ट बनती है। इसका स्वाद हल्का खट्टा और मीठा होता है। यह डिश आपको भारत के किसी और कोने में शायद ही मिले।

कोलदिल भाजी

असम में केले के पेड़ के हर हिस्से का इस्तेमाल होता है। केले के फूल को बारीक काटकर उसकी सूखी सब्जी बनाई जाती है। यह न सिर्फ खाने में टेस्टी है, बल्कि इसमें आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है।

माटी माहोर डाली

यह काली उड़द की दाल है, लेकिन इसे बनाने का तरीका नार्थ इंडिया की ‘दाल मखनी’ से बिल्कुल अलग है। इसे बहुत ही कम मसालों के साथ पकाया जाता है और कभी-कभी इसमें केले का तना भी डाला जाता है, जिससे इसका स्वाद और गाढ़ापन बढ़ जाता है।

तिल पीठा

अगर आप भी खाने के बाद कुछ मीठा खाने का शौक रखते हैं, तो तिल पीठा असम का सबसे पॉपुलर स्नैक है, खासकर बिहू त्योहार के दौरान। इसे स्टिकी राइस फ्लोर और काले तिल-गुड़ की स्टफिंग से बनाया जाता है। यह ऊपर से नरम और अंदर से कुरकुरा होता है।

कोमोलार खीर

संतरे के स्वाद वाली यह खीर असम की एक शानदार मिठाई है। इसमें दूध को गाढ़ा करके उसमें संतरे का गूदा मिलाया जाता है। बता दें, दूध की मिठास और संतरे का हल्का खट्टापन मिलकर एक जादुई स्वाद पैदा करते हैं।

जब आप नार्थ-ईस्ट घूमने जाएं या किसी असमिया रेस्टोरेंट में विजिट करें, तो सिर्फ चाय पीकर वापस न आएं। इन शाकाहारी व्यंजनों को जरूर ट्राई करें।

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