कॉल हो या म्यूजिक, ब्लूटूथ का ओवरडोज पहुंचा सकता है कान को नुकसान

आज की लाइफस्टाइल में ब्लूटूथ ईयरफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। गाने सुनने से लेकर मूवी देखना, ऑफिस कॉल, ऑनलाइन क्लास या वर्कआउट हर काम के लिए ब्लूटूथ का यूज बड़ा ही कॉमन है। इससे आसपास के लोग डिस्टर्ब नहीं होते, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यही सुविधा कानों के लिए हानिकारक भी हो सकती है।

खासतौर पर लंबे समय तक लगातार ब्लूटूथ का इस्तेमाल धीरे-धीरे कई समस्याओं को जन्म देता है। अगर आप भी देर तक कानों में ब्लूटूथ ईयरफोन लगाकर रखते हैं, तो आज हम आपको इसके कुछ साइड इफेक्ट्स और इससे राहत पाने के आसान ट्रिक्स के बारे में बताएंगे।

कान में दर्द और भारीपन
लगातार घंटों तक ब्लूटूथ लगाए रखने से कान के अंदर दबाव पड़ता है। इससे कान में दर्द, भारीपन और जलन महसूस हो सकती है। कई लोगों को ब्लूटूथ निकालने के बाद सिरदर्द, चक्कर या भारीपन महसूस हो सकता है।

सुनने की क्षमता पर असर
तेज आवाज में म्यूजिक या कॉल सुनना कान के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा करने से ईयरड्रम पर असर पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कम हो सकती है।

कान में इंफेक्शन का खतरा
ब्लूटूथ ईयरफोन लंबे समय तक कान में रहने से नमी और गर्मी बढ़ती है। यह बैक्टीरिया और फंगस जैसे कान में खुजली, सूजन या इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

हेडफोन का सही इस्तेमाल कैसे करें?

तेज आवाज से बचें
तेज म्यूजिक या कॉल सुनना सबसे बड़ा खतरा है। अगर आसपास के लोगों की आवाज आपको बिल्कुल सुनाई नहीं दे रही, तो वॉल्यूम ज्यादा है। आप हमेशा ब्लूटूथ के वॉल्यूम को कम पर रखें।

सही फिट और साइज चुनें
गलत साइज या हार्ड टिप्स वाले ईयरफोन कान में दर्द और जलन पैदा कर सकते हैं। हमेशा सॉफ्ट सिलिकॉन टिप्स और अपने कान के हिसाब से फिट होने वाला ब्लूटूथ चुनें, ताकि कानों में दबाव न बनें।

बीच-बीच में कानों को आराम दें
लगातार ब्लूटूथ लगाए रखने से कान थक जाते हैं। हर 30-40 मिनट में ईयरफोन निकालकर 10-15 मिनट का ब्रेक लें और कानों को खुली हवा लगने दें।

ईयरफोन की सफाई रखें
गंदे ईयरफोन बैक्टीरिया और फंगस बढ़ाते हैं, जिससे कान में इंफेक्शन का खतरा रहता है। हफ्ते में कम से कम 2-3 बार ब्लूटूथ ईयरफोन को साफ करें।

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