पाकिस्तान में डेंगू का प्रकोप, नवंबर में मिले 6000 से अधिक मरीज

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन (पीएमए) ने कराची और हैदराबाद में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की मांग की है। पीएमए ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसमें कचरा प्रबंधन की कमी और समय पर सफाई न करना शामिल है। स्वास्थ्य सचिव ने हालांकि हैदराबाद में डेंगू की दर में कमी का दावा किया है।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में डेंगू के मामलों में तेज बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन (PMA) ने कहा है कि हालात काबू से बाहर हो रहे हैं, इसलिए कराची और हैदराबाद में तुरंत हेल्थ इमरजेंसी घोषित की जाए।

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इस साल अब तक 11,763 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। केवल नवंबर में 6199 मरीज मिले। फिलहाल 429 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिसमें से 147 कराची में और 203 हैदराबाद में।

PMA का सरकार पर गंभीर आरोप

PMA ने कहा कि डेंगू संकट प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि प्रशासन की नाकामी है। एसोसिएशन के अनुसार, कचरा प्रबंधन की व्यवस्था खराब है, सफाई और फ्यूमिगेशन अभियान समय पर नहीं किए गए।PMAने यह भी कहा कि सरकारी विभागों की कोऑर्डिनेशन की कमी ने शहरों को मच्छरों के प्रजनन स्थल में बदल दिया है।

कार्रवाई की मांग

PMA ने कहा कि नालियों की सफाई, गंदे पानी को हटाने और कचरे को तुरंत हटाने की जरूरत है। एसोसिएशन ने कहा, “हर डेंगू से होने वाली मौत, प्रशासन की असफलता का सबूत है।” उधर, स्वास्थ्य सचिव रिहान बलोच ने दावा किया है कि हैदराबाद में डेंगू पॉजिटिविटी रेट 46% से घटकर 35% हो गया है।

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