कांग्रेस में 6 नेताओं की वापसी; सीडी कांड वाले मेवाराम सहित 6 का निलंबन खत्म

राजस्थान कांग्रेस ने मेवाराम जैन समेत छह निलंबित नेताओं की सदस्यता बहाल की। अनुशासन समिति की सिफारिश और प्रदेश प्रभारी की मंजूरी के बाद यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा। विरोध के बीच नेताओं की वापसी चर्चा में।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पार्टी से निलंबित छह नेताओं की सदस्यता बहाल कर दी। इनमें मेवाराम जैन (बाड़मेर), बालेंदु सिंह शेखावत (सीकर), संदीप शर्मा (चित्तौड़गढ़), बलराम यादव (सीकर), अरविंद डामोर (बांसवाड़ा) और तेजपाल मिर्धा (नागौर) के नाम शामिल हैं। सबसे ज्यादा चर्चा मेवाराम जैन के नाम को लेकर हो रही है। मेवाराम जैन को सोशल मीडिया पर कथित अश्लील वीडियो वायरल होने और पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिहं डोटासरा ने देर रात इन नेताओं की निलंबन वापसी के आदेश जारी कर दिए। कांग्रेस डिसिप्लेनरी एक्शन कमेटी में इन नेताओं के निलंबन को लेकर चर्चा की गई थी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इनका निलंबन रद्द कर दिया गया।
मेवाराम जैन को सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने और पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया गया था।
बालेंदु सिंह शेखावत पर लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे थे।
संदीप शर्मा पर एक महिला से कथित अनैतिक संबंधों को लेकर कार्रवाई की गई थी।
अरविंद डामोर को डूंगरपुर-बांसवाड़ा लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी निर्देशों की अवहेलना और नामांकन विवाद के चलते निष्कासित किया गया था।
तेजपाल मिर्धा पर गठबंधन और चुनावी रणनीति को लेकर अनुशासनहीनता के आरोप थे।
बलराम यादव को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित किया गया था।
मेवाराम की वापसी के विरोध में कई गुट सक्रीय
मेवाराम की वापसी के विरोध में कई कांग्रेसी नेता दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। बाडमेर के बायतू से विधायक और एमपी कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी मेवाराम की कांग्रेस में वापसी को लेकर जबरदस्त विरोध कर रहे थे। मेवाराम जैन को 2023 में उस समय पार्टी से निलंबित कर दिया गया था जब सोशल मीडिया पर कथित रूप से उनकी अश्लील वीडियो क्लिप्स वायरल हुई थीं। इसके अलावा, उनके खिलाफ गैंगरेप और POCSO एक्ट के तहत गंभीर आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया था। हालांकि बाद में पीड़िता के बयान पलटने से हाईकोर्ट से जैन को राहत मिल गई थी।
तीन बार के विधायक, 50 साल का नाता कांग्रेस से
मेवाराम जैन 2008 से 2023 तक बाड़मेर से लगातार तीन बार विधायक रहे हैं। वह प्रदेश में कांग्रेस के जमीनी नेताओं में गिने जाते हैं, जिनका लंबे समय से संगठन से जुड़ाव रहा है। जून 2025 में हुई एक अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से मुलाकात कर अपने 50 साल पुराने राजनीतिक रिश्ते का हवाला देते हुए वापसी की भावनात्मक अपील की थी।





