राजस्थान मॉनसून अपडेट 10 साल में पहली बार मानसून की सबसे सूखी शुरुआत

जयपुर. इस बार मानसून की एंट्री हो गई, मानसून ने बाड़मेर जयपुर, जोधपुर, अजमेर, सीकर सहित पूर्वी राजस्थान को कवर भी कर लिया और दो दिन बाद सावन भी शुरू होने वाला है, लेकिन जयपुर के लिए अभी तक यह मौसम खुशनुमा नहीं हो सका। पिछले 10 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब मानसून की एंट्री के एक हफ्ते बाद तक एक मिलीमीटर भी बारिश जयपुर के हिस्से में नहीं आई। हालांकि 2009 ऐसा भी गुजरा है, जब मानसून अपनी दस्तक के काफी दिन बाद सक्रिय हुआ, लेकिन उस समय भी मानसून की एंट्री के दूसरे दिन दो मिलीमीटर बारिश कुछ हद तक मानसून का अहसास कराया। प्रदेश में मानसून की एंट्री 27 जून को हो गई और ठीक पांच दिन 2 जुलाई को मानसून की बढ़त जयपुर तक आ पहुंची।

जिस कारण बारिश नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं थम गई हैं, साथ ही बंगाल की खाड़ी में भारी प्रेशर बना है। हवाओं ने दक्षिण-पश्चिम के बजाय पश्चिम से पूरब का रुख किया है, जिससे सूखी हवाएं प्रवेश कर रही हैं। उधर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य पाक में चक्रवात बने हुए हैं, लेकिन वे इतने प्रबल नहीं हैं, जिनका असर प्रदेश तक पड़े।
मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं थम गई हैं, साथ ही बंगाल की खाड़ी में भारी प्रेशर बना है। हवाओं ने दक्षिण-पश्चिम के बजाय पश्चिम से पूरब का रुख किया है, जिससे सूखी हवाएं प्रवेश कर रही हैं। उधर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य पाक में चक्रवात बने हुए हैं, लेकिन वे इतने प्रबल नहीं हैं, जिनका असर प्रदेश तक पड़े।
आगे क्या होगा
आगामी 12 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर बनने वाला है। इससे पूर्वोत्तर व हिमालय की तलहटी में हलचल मचा मानसून नीचे उतरेगा और मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान में नमी लाएगा। उसके बाद अच्छी बारिश होने की संभावना है।
आगामी 12 जुलाई तक बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर बनने वाला है। इससे पूर्वोत्तर व हिमालय की तलहटी में हलचल मचा मानसून नीचे उतरेगा और मध्य प्रदेश होते हुए राजस्थान में नमी लाएगा। उसके बाद अच्छी बारिश होने की संभावना है।





