ABVP के आर्यन का पहले राउंड से रहा दबदबा, NSUI की जोसलिन को मिले इतने वोट…

डूसू चुनाव के लिए मतगणना में एबीवीपी के डूसू अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आर्यन मान का दबदबा पहले से लेकर आखिरी राउंड तक कायम रहा। आर्यन मान को कुल 28841 और एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी को 12645 वोट मिले। करीब 17 साल बाद एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए किसी महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था।

डूसू चुनाव के लिए मतदान के बाद शुक्रवार को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित मल्टीपर्पज हॉल में 21 राउंड तक मतगणना का दौर चला। मतगणना सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुई जो दोपहर ढाई बजे तक संपन्न हो गई।

मतगणना में एबीवीपी के डूसू अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आर्यन मान का दबदबा पहले से लेकर आखिरी राउंड तक कायम रहा। पहले से आठवें राउंड तक आर्यन मान और एनएसूयआई की उम्मीदवार जोसलिन नंदिता चौधरी के बीच 5094 वोटों का अंतर था।

16 राउंड की मतगणना होने तक यह अंतर 11881 वोटों तक पहुंच गया। फिर 21वें राउंड में सभी वोटों की गिनती होने पर यह फासला 16196 तक पहुंच गया।

आर्यन मान को कुल 28841 और जोसलिन नंदिता चौधरी को 12645 वोट मिले। करीब 17 साल बाद एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए किसी महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था।

सबसे कम वोट योगेश मीणा को
21 उम्मीदवारों में से सबसे कम वोट अध्यक्ष पद के उम्मीदवार योगेश मीणा को 514 वोट मिले। जबकि सबसे ज्यादा अधिक एनएसयूआई के उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने वाले राहुल झांसला को 29339 वोट मिले। भले डूसू अध्यक्ष पद पर आर्यन मान ने जीत दर्ज की, लेकिन राहुल को आर्यन से भी अधिक वोट मिले।

वहीं, आइसा और एसएफआई के संयुक्त उम्मीदवारों ने भी अलग-अलग पद पर अच्छे वोट मिले। इसमें अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अंजलि को 5385, उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार सोहन कुमार को 4163, सचिव पद की उम्मीदवार अभिनंदना को 9535 वोट और संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार रहे अभिषेक कुमार को 8425 वोट मिले।

एनएसयूआई को एक पद से करना पड़ा संतोष
डूसू चुनाव में एनएसयूआई को पिछले वर्ष के चुनाव की तुलना में इस बार करारी हार मिली। एनएसयूआई से सिर्फ राहुल झांसला उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर सके। जबकि वर्ष 2024 में एनएसयूआई ने अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की थी।

सातवें राउंड में अध्यक्ष पद पर दोबारा हुई मतगणना
मतगणना केंद्र पर सातवें राउंड में अध्यक्ष पद दो बार मतगणना हुई। इसकी सूचना केंद्र पर डूसू चुनाव में मुख्य रिटर्निंग ऑफिसर डॉ. राजेश सिंह ने दी। आखिर 21वें राउंड में भी कुछ मशीनों में तकनीकी खामी की बात सामने आई।

उमांशी ने जोसलिन के वोट काटे
एनएसयूआई ने उमांशी को पहले संभावित उम्मीदवार की सूची में शामिल किया और फिर अंतिम सूची में वह बाहर हो गई। अलग बैनर के तले उमांशी ने चुनाव लड़ा जिसे 5522 वोट मिले। हालांकि उमांशी को जोसलिन की तुलना में कम वोट मिले। वहीं आठवें राउंड से लेकर आखिरी राउंड तक डूसू के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार राहुल झांसला, सचिव पद के उम्मीदवार कुणाल चौधरी और संयुक्त सचिव पद की उम्मीदवार दीपिका झा आगे रहीं।

एबीवीपी की जीत राष्ट्र भक्ति और एकता की मिसाल : मुख्यमंत्री
डूसू चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ एक संगठन की नहीं,बल्कि उन सभी युवाओं की है जो राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन को अपने जीवन का आधार मानते हैं।

खुद डूसू की पूर्व अध्यक्ष रहीं रेखा गुप्ता ने कहा, उन्हें गर्व है कि उन्होंने इन संस्कारों को जिया है। यह परिणाम दिखाता है कि दिल्ली का युवा एबीवीपी के ज्ञान, शील और एकता के रास्ते पर अडिग है। यह युवा शक्ति भविष्य में दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और इसे सशक्त व संस्कारित राजधानी के रूप में स्थापित करेगी। यह जीत एबीवीपी के दशकों पुराने मूल्यों को भी दर्शाती है।

वीरेंद्र सचदेवा बोले- एबीवीपी की जीत युवा देश की आवाज
डूसू चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी की ऐतिहासिक विजय सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं बल्कि छात्र समुदाय के भीतर राष्ट्रवादी विचारधारा, सेवा भाव, संगठनात्मक शक्ति और गतिशील नेतृत्व के प्रति गहरी आस्था व विश्वास का प्रमाण है। ये जीत युवा देश की आवाज है। इस जीत के पीछे एबीवीपी के अनगिनत कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, अनुशासन और समर्पण है। उन्होंने कैंपस में छात्र-छात्राओं को राष्ट्र और समाजहित से जोड़ने का काम किया है। यही कार्यशैली आज युवाओं को प्रेरित कर रही है और आने वाले कल के भारत को मजबूत बना रही है। प्रदेश भाजपा और एबीवीपी का रिश्ता लंबे समय से रहा है।

जेन-जी ने रचनात्मक राष्ट्र निर्माण को दिया समर्थन : एबीवीपी
एबीवीपी ने डूसू चुनाव में उम्मीदवारों की जीत को जेन-जी द्वारा रचनात्मक राष्ट्र निर्माण का समर्थन बताया। एबीवीपी के अनुसार डूसू अध्यक्ष पद पर यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इस जीत ने तय कर दिया है कि आज के छात्र राष्ट्र निर्माण में रचनात्मक भूमिका निभाने वाले विचार के साथ हैं। विध्वंसक और नकारात्मक विचार की यह बड़ी हार है।

एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जीत लोकतंत्र के प्रति आस्थावान विचार की जीत है। एबीवीपी डीयू के छात्रों का धन्यवाद करती है। कांग्रेस और एनएसयूआई ने पूरे डूसू चुनाव में डीयू के छात्र-छात्राओं को भ्रमित करने और जाति-क्षेत्र में बांटने का प्रयास किया जिसे छात्रों ने पूरी तरह से नकार दिया।

डूसू के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा कि यह विजय जेन-जी पीढ़ी की उस राष्ट्रनिष्ठ चेतना की प्रतिध्वनि है जो भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को सर्वोपरि मानती है। एबीवीपी से डूसू उपाध्यक्ष पद पर उम्मीदवार रहे गोविंद तंवर ने कहा कि छात्रों द्वारा दिए जनादेश का सम्मान करता हूं।

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