खूब जिद्द करे बच्चा, फिर भी न मानें उसकी ये 3 बातें

बड़े-बुजुर्ग हमेशा से कहते आए हैं कि बच्चों की जिद्द के आगे पेरेंट्स का झुकना हर बार जरूरी नहीं होता है। यानी कुछ मौके ऐसे भी होते हैं जिनपर माता-पिता को उनकी जिद्द के आगे साफ इनकार कर देना चाहिए नहीं तो उनकी परवरिश में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानें।

कभी बच्चे खिलौने के लिए अड़ जाते हैं, तो कभी खाने-पीने की चीजों के लिए जिद्दी बन जाते हैं। ऐसे में, माता-पिता अक्सर दुविधा में पड़ जाते हैं कि बच्चे की बात मानें या नहीं। पर कुछ बातें ऐसी होती हैं, जिन पर बच्चे की जिद्द पूरी करना भविष्य में उनके लिए हानिकारक हो सकता है।

जी हां, यहां हम आपको ऐसी ही 3 बातों के बारे में बता रहे हैं, जिन पर आपको अपने बच्चे की जिद्द बिल्कुल नहीं माननी चाहिए, भले ही वे कितनी भी कोशिश क्यों न करें।

जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम की जिद्द
आजकल बच्चे मोबाइल, टैबलेट या टीवी पर घंटों बिताना चाहते हैं। यह उनकी आंखों और मेंटल हेल्थ के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। अगर आपका बच्चा ज्यादा स्क्रीन टाइम के लिए जिद्द करता है, तो उसे प्यार से समझाएं कि यह उसके लिए क्यों अच्छा नहीं है। उसकी जिद्द के आगे न झुकें। इसके बजाय, उसे बाहर खेलने, किताबें पढ़ने या कोई रचनात्मक काम करने के लिए प्रोत्साहित करें। शुरुआत में मुश्किल होगी, पर धीरे-धीरे वह समझ जाएगा।

अनहेल्दी खाने की जिद्द
अक्सर बच्चे बर्गर, पिज्जा, चिप्स और चॉकलेट जैसी चीजें खाने की जिद्द करते हैं। ये चीजें स्वाद में अच्छी लग सकती हैं, लेकिन पोषण के लिहाज से सेहत के लिए ठीक नहीं होतीं। अगर आपका बच्चा इन चीजों के लिए जिद्द करे, तो उसे पौष्टिक और घर का बना खाना खाने के लिए मोटिवेट करें। आप उसे हेल्दी चीजों को अट्रैक्टिव तरीके से परोस सकते हैं या खाने को मजेदार बनाने के लिए खेल का सहारा ले सकते हैं।

अनुशासन तोड़ने की जिद्द
कभी-कभी बच्चे घर के नियमों या अनुशासन को तोड़ने की जिद्द करते हैं, जैसे देर रात तक जागना, होमवर्क न करना या बिना बताए बाहर जाना। ऐसे में, उन्हें अनुशासन का महत्व समझाना बहुत जरूरी है। उनकी इस तरह की जिद्द को बिल्कुल न मानें। घर के नियम तय करें और उन्हें बताएं कि उनका पालन करना क्यों जरूरी है। अनुशासन बच्चों को जिम्मेदार और सफल इंसान बनाता है।

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