कपूरथला में फ्रांस राजदूत: फ्रेंच आर्कीटेक्चर के कायल हुए फ्रांस एंबेसेडर थिएरी मैथो

भारत-फ्रांस संबंधों को पुनर्जीवित करने की सकारात्मक पहल में फ्रांस के राजदूत थिएरी मेथौ ने पत्नी संग रियासती शहर कपूरथला की विभिन्न ऐतिहासिक इमारतों का दौरा किया। सबसे पहले महाराजा जगतजीत सिंह के पोते ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने विला बोनाविस्टा पहुंचने पर फ्रांसीसी राजदूत का स्वागत किया और शाही अभिलेखागार से अपने दादा की फ्रांस की कई यात्राओं और पंजाब में फ्रेंच भाषा की शिक्षा को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के बारे में किस्से साझा किए।
मेथौ ने वर्साय के महल से प्रेरित शानदार जगतजीत पैलेस और विख्यात मौरिश मस्जिद के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने मराकश की ग्रैंड मस्जिद से प्रेरित इसके हिस्पैनो-मौरिश डिजाइन की प्रशंसा की। उन्होंने महाराजा जगतजीत सिंह के कार्यकाल में बने अन्य विरासत स्थलों का भी दौरा किया। यात्रा के बाद राजदूत ने कपूरथला की फ्रांस और भारत के बीच एक अद्वितीय सांस्कृतिक पुल के रूप में प्रशंसा की। फ्रांस राजदूत ने महाराजा जगतजीत सिंह की महानगरीय दृष्टि की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वे एक सच्चे फ्रांसीसी प्रेमी और फ्रांसीसी भाषा, संस्कृति और स्थापत्य शैली के शाही संरक्षक थे। उनकी दूरदृष्टि ने कपूरथला को भारत-फ्रांस सद्भाव की जीवंत गैलरी में बदल दिया।
इन इमारतों के ऐतिहासिक पहलू के बारे में लेखिका मिस सिंथिया मैरा फ्रेडरिक व एडवोकेट अमरजोत सिंह ने विस्तार से बताया। एडवोकेट अमरजोत सिंह ने कहा कि महाराजा जगतजीत सिंह न केवल फ्रेंच भाषा के ज्ञाता थे, बल्कि उन्होंने फ्रांस की वास्तुकला व शैली को कपूरथला की आत्मा में बसाया। उनका यह योगदान आज भी जगतजीत पैलेस और मौरिश मस्जिद जैसे स्थापत्य चमत्कारों में जीवित है।
राजदूत की यह यात्रा न केवल इतिहास की एक सुंदर पुनरावृत्ति है, बल्कि सरकार को यह सौम्य संदेश भी देती है कि इन धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। केवल प्रशंसा पर्याप्त नहीं, बल्कि इन स्थलों की देखभाल और सुरक्षा से ही कपूरथला की ऐतिहासिक गरिमा जीवित रह सकती है। सैनिक स्कूल पहुंचने पर प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन मधु सेंगर, एडीसी-जनरल नवनीत कौर बल, एसडीएम कपूरथला इरविन कौर, एसपी-एच गुरप्रीत सिंह और डीएसपी सब-डिवीजन दीपकरण सिंह ने भव्य स्वागत किया।





