हिजाब पहनकर खेलने से कर चुकी हैं मना, 6 साल की उम्र से चला रही हैं बंदूक

अंबाला। शूटर हिना सिद्धू भारत के पिस्टल कोच की आलोचना से चर्चा में हैं। उन्होंने कोच की योग्यता पर सवाल उठाए हैं। उनके पिता रणबीर सिंह नेशनल शूटर, चाचा इंदरजीत सिंह गन स्मिथ (बंदूक ठीक करने वाले) और मां रूमिंदर कौर हाउस वाइफ हैं। 7 फरवरी, 2013 को रौनक पंडित के साथ शादी की, जो खुद इंटरनेशनल शूटर हैं। बचपन में खिलौने वाली बंदूक से खेली…
हिजाब पहनकर खेलने से कर चुकी हैं मना, 6 साल की उम्र से चला रही हैं बंदूक
वर्ल्डकप में जीता था गोल्ड
– दुनिया में नंबर वन शूटर रहीं हिना सिद्धू ने डेंटिस्ट की पढ़ाई की है। उनकी स्कूली पढ़ाई यदविंद्र पब्लिक स्कूल पटियाला से हुई है। हिना का पूरा खानदान शूटिंग से ताल्लुक रखता है। उनके पिता के अलावा भाई करणबीर सिद्धू शूटर हैं।
– पटियाला में पली-बढ़ी हिना बारहवीं कक्षा से शूटिंग कर रही हैं। उनके घर में शुरू से ही शूटिंग का कल्चर रहा।

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– अंजलि भागवत के बाद वे देश की पहली महिला शूटर हैं, जो 2013 में हुई विश्वकप निशानेबाजी स्पर्धा में स्वर्ण पदक लाकर दुनिया की नंबर वन शूटर कहलाईं। उन्होंने रियो ओलिंपिक की एयर पिस्टल स्पर्धा में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था, हालांकि वे वहां 14वें स्थान पर रही थीं। लेकिन ग्वांग्झोऊ में वर्ष 2010 में हुए एशियन गेम्स में 10 मीटर एयरपिस्टल स्पर्धा के समूह वर्ग में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था।

– जबकि वुमन्स पेयर शूटिंग की इसी केटेगरी में उन्होंने 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स में ही सिंगल केटेगरी में उन्होंने रजत पदक प्राप्त किया था।
 
खिलौने वाली बंदूक से खेली
– पूर्व वर्ल्ड नंबर वन हिना के घर में शुरुआत से ही शूटिंग कल्चर रहा। इसके कारण हिना को खिलौने भी गन वाले ही दिए गए।
– 6 साल की नन्ही हिना ने एक दिन चाचा इंदरजीत से मासूम आवाज में असली गन चलाने की इच्छा जताई। असली गन इंदरजीत के पास रिपेयर होने को आई थी।
– चाचा भतीजी से भी ज्यादा बिंदास थे। डरे नहीं और हंसते-हंसते उसकी ख्वाहिश पूरी कर दी।
 
बंदूक से ईंटों पर लगाती थी निशाना
– हिना बचपन में घर की छत पर बंदूक से ईंटों पर निशाना साधा करती थीं। विरासत में मिलीं बंदूकों से खेलीं हिना की ख्वाहिश तो डॉक्टर बनने की थी।
– कभी अंबाला शूटिंग रेंज में शूटिंग करने वाली हिना सिद्धू नहीं जानती थीं कि वो वर्ल्ड नंबर वन के मुकाम तक पहुंचेगी। हरियाणा में ही नहीं, पूरे भारत में उनका नाम बड़ी शान से लिया जाता है।
हिजाब पहनने से किया था इंकार
– पिछले साल हिना ने नौवीं एशियाई एयरगन शूटिंग चैंपियनशिप से अपना नाम इस वजह से वापस ले लिया था कि उन्हें ईरान में होने वाली इस चैंपियनशिप में हिजाब पहनकर खेलने को कहा गया था। उन्होंने तब कहा था कि वे क्रांतिकारी नहीं है, ले‍किन व्यक्तिगत रूप से उन्हें लगता है कि किसी खिलाड़ी के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य करना खेल भावना के लिए ठीक नहीं है।
– निशानेबाजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने के लिए 28 अगस्त 2014 को इन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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