IAS बोले- मेरे 10 में से 8 शब्द तो गाली के होते हैं, अभी मेरी भाषा सुनी कहां है

पुन्हाना. (हरियाणा).मेवात डिप्टी कमिश्नर मनीराम शर्मा जिले को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) करने को लेकर विवादों में घिर गए हैं। डीसी द्वारा अपनी फेसबुक वाॅल पर लिखा है कि कुछ लोगों को मेरी भाषा-शैली पर आपत्ति है। आपत्ति करने वालों ने मेरी भाषा अभी सुनी ही कहां है। मेरी भाषा में 10 शब्दों वाले वाक्य में 8 शब्द गाली ही होते हैं। वही मेरी ओरिजनल भाषा है। और मुझे अपनी भाषा से बहुत प्यार है। आप लोगों को आयोग से शिकायत अवश्य करनी चाहिए। जिन्होंने एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि तीन बार मेरा सिलेक्शन किया। वह भी बिना किसी रिजर्वेशन के।
IAS बोले- मेरे 10 में से 8 शब्द तो गाली के होते हैं, अभी मेरी भाषा सुनी कहां है
आगे पढ़ें क्या है पूरा मामला…
– दरअसल, दो दिन पहले डीसी की ओडीएफ टीम ने नूंह खंड के गांव सालाहेडी, सलंबा आदि गांवों में खुले में शौच करते चार लोगों को पकड़ा था और उनसे 1100-1100 रुपए जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया था।
– ओडीएफ टीम ने चारों लोगों के पुलिस की ऐसे फोटो खिंचकर मेवात के डीसी मनीराम शर्मा को भेजे थे। उन्होंने इस फोटो को अपनी फेसबुक वाल पर पेस्ट कर उन शब्दों का इस्तेमाल किया।
– शर्मा के ओडीएफ से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल से इलाके के लोगों में नाराजगी है। इससे करीब 6 महीने पहले भी फेसबुक पर भाषा को लेकर डीसी काफी चर्चा में रहे थे। उस समय कई ऑर्गनाइजेशन ने मिलकर डीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर उनका पुतला भी फूंका था।

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फेसबुक वाल पर डीसी ने लिखा
सालाहेडी और सलम्बा ……खुले में शौच के लिए दो सर्वाधिक बदनाम गांव ……दोनों गांव में बड़े-बड़े लोग….. उनसे ज्यादा संख्या में बड़े-बड़े लोगों के चमचे…..इस चमचागिरी की ताकत के दम पर ही ना ये सरपंच की सुनते है और ना जिला प्रशासन की। आज इनकी अकड़ ढीली करनी थी और तसल्ली से ढीली कर भी दी। फोटो में दिखने वाले चारों व्यक्ति न केवल सम्पन्न और पहुंच रखने वाले हैं बल्कि इनके घरों में शौचालय भी है। फिर भी चमचागिरी की ताकत का भरोसा कुछ ज्यादा ही था इनको। इनको न केवल विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया, नांक रगड़वाई, यथोचित ठुकाई भी की गई और फिर तसल्ली से जेब भी ढीली की गई। ना नेतागिरी काम आई और ना चमचागिरी ……(इससे आगे भी डीसी ने काफी कुछ लिखा)
 
रियलिटी चैक
डीसी ने जो चार आदमी पकड़े उनमें से दो दूसरे राज्यों से आकर यहां मजदूरी करते हैं। दो गांव सलंबा के हैं जिनमें से इसलाम नाम का आदमी भी है। जो अक्सर बीमार रहता है। रहने के लिए 36 लंबाई और 16 फुट चौ़ड़ाई की जगह हैं जहां पर उसने दो कमरे नीचे और दो कमरे ऊपर बना रखे हैं। सामने पक्का पंचायत का 33 फीट का रास्ता है।
 
इसलाम ने बताया कि उसके पास शौचालय नहीं है और न ही शौचालय बनाने को जमीन। उन्होंने नांक रगड़वाने की बात से इनकार किया है। इधर, डीसी मनीराम शर्मा ने कहा कि उन्हें इस संबंध सही जानकारी नहीं है। इस संबंध में गुरुवार को स्थिति स्पष्ट करेंगे।
 
कौन है मनीराम शर्मा
– मनीराम शर्मा हरियाणा के नूंह मेवात जिले में डिप्टी कमिश्नर की पोस्ट पर तैनात हैं।
– बता दें कि फिजीकली डिसेबल्ड होनेे की वजह से वे तीसरी बार में आईएएस बनें। इससे पहले वे साल 2005 जनरल कैटेगरी में 27वीं रैंक पर रहे।
– 2006 में फिर आईएएस एग्जाम में 378वीं रैंक पर आए, इस बार फिर अयोग्य करार दिए गए। हिम्मत टूट रही थी, लेकिन तीसरी बार फिर कोशिश की। 2009 में एक बार फिर आईएएस पास की।
– सेलेक्शन के वक्त उन्होंने बोर्ड मेंबर्स के सवालों के जवाब इस ढंग से दिए कि सब चकरा गए। मशीनें उनके सौ फीसदी बहरेपन की पुष्टि कर रही थी, लेकिन उनकी कार्यशैली बता रही थी कि बहरापन आंशिक है।
– काफी मुश्किलों का सामना करने के बाद शर्मा को आंशिक बहरे का सर्टिफिकेट दिया गया। इसके बाद पीएमओ की पहल पर शर्मा को योग्य मानते हुए 2010 में मणिपुर कैडर दिया गया था।
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