आगे-पीछे दोनों तरफ रेंग सकता है ये सांप, केंचुआ की तरह मिट्टी के अंदर बनाता है घर

अधिकांशत लोगों को लगता है कि दुनिया में पाए जाने वाले हर एक सांप जहरीले होते हैं और फन निकालकर हमला करते हैं. लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं है. दरअसल, धरती पर पाए जाने वाले सांपों की कुल प्रजातियों में से सिर्फ 10 प्रतिशत सांपों में ही वेनम होते हैं. इसके अलावा कोबरा और किंग कोबरा जैसे सांपों में ही फन की आकृति देखने को मिलती है. आश्चर्य की बात तो यह है कि सांपों में कुछ ऐसी प्रजातियां भी पाई जाती हैं, जिनका रंग–रूप और आकार एकदम किसी केंचुए की तरह होता है. जानकारों की मानें तो, लोग अक्सर इस सांप को केंचुआ समझ बैठते हैं. गनीमत इस बात की है कि ये सांप बिल्कुल भी जहरीले नहीं होते हैं. आज हम आपको केंचुए की तरह दिखने वाले ब्लाइंड स्नेक पर कुछ विशेष जानकारी देने वाले हैं.

केंचुए की तरह दिखता है यह सांप
पिछले 22 वर्षों से वाइल्ड लाइफ पर काम कर रहे एक्सपर्ट स्वप्निल खताल लोकल 18 को बताते हैं कि यहां जिस सांप की बात हो रही है, साधारणतः उसे ‘ब्लाइंड स्नेक’ के नाम से जाना जाता है. भारत में इस सांप की दो प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें वॉर्म स्नेक और बीक्ड वॉर्म स्नेक शामिल है. वॉर्म स्नेक की लंबाई जहां सिर्फ 10 सेंटीमीटर तक होती है, वहीं बीक्ड वॉर्म स्नेक थोड़े लंबे होते हैं.

विषहीन होते हैं ये सांप
आश्चर्य की बात तो यह है कि सांप होने के बावजूद भी गिने-चुने लोग ही इन्हें सांप के रूप में पहचान पाते हैं. अक्सर लोग इस सांप को केंचुआ समझने की भूल करते हैं, क्योंकि इनकी चाल-ढाल और रंग-रूप बिल्कुल केंचुए जैसी होती है. गनीमत इस बात की है कि ये सांप नॉन वेनेमस होते हैं और बेहद छोटे मुंह होने की वजह से बाइट नहीं कर सकते है

इंसानों के लिए खतरनाक नहीं
बकौल स्वप्निल, किसी केंचुए की तरह ही ब्लाइंड स्नेक भी मुख्य रूप से मिट्टी में रहते हैं. बेहद करीब से देखने पर इसके शरीर पर छोटी धारियां दिखाई देती हैं, जो इन्हे केंचुए से अलग बनाती है. खास बात यह है कि ये सांप आगे और पीछे दोनों तरफ से रेंग सकते हैं. इसकी पूंछ नुकीली होती है और सिर के पास दो छोटे डॉट्स जैसी आकृति होती है. आप इसे अपने लिए जरा भी खतरनाक नहीं मानें. यह आमतौर पर लार्वा, अंडे और चींटियों को खाते हैं. ये सांप ज्यादातर अफ्रीका और एशिया में पाए जाते हैं.

दुनिया और भारत में पाए जाने वाले जहरीले सांप
बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के वाल्मिकी टाइगर रिजर्व में वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के रूप में कार्यरत, नेचर एनवायरमेंट एंड वाइल्ड लाइफ सोसायटी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिषेक Local18 को बताते हैं कि दुनिया में सांपों की करीब 2700 प्रजातियां पाई जाती है. आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से सिर्फ 10 प्रतिशत प्रजातियां ही, अर्थात 270-300 प्रजातियां ही जहरीली होती हैं. इनके काटने से मौत की संभावना बनती है. जहां तक बात भारत की है, तो यहां करीब 367 प्रजातियां पाई गई है, जिनमें से महज 10 प्रतिशत प्रजातियां ही जहरीली होती हैं.

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