यहां रोमांस के लिए बने हैं होटल, प्रेमियों के साथ पति-पत्नी भी करते हैं इस्तेमाल

दुनिया के अलग-अलग देशों में प्रेम को लेकर सहजता-असहजता दिखती है जो उस देश की परंपराओं और मान्यताओं के हिसाब से होती है. पश्चिमी देशों में आपको खुलेआम कपल एक दूसरे के साथ हल्के-फुल्के रोमांटिक पल बिताते दिख जाएंगे. कई ऐसे बीच होंगे जहां पर लोग बिना कपड़ों के घूमते-टहलते नजर आ जाएंगे. पार्क से लेकर कॉफी शॉप्स में कपल इंटिमेट मोमेंट आसानी से बिता लेते हैं. पर पूर्वी देशों में ऐसा नहीं है. भारत की तरह और भी कई देश हैं, जहां पर खुलेआम प्यार करना लोगों को असहज कर देता है. पब्लिक डिस्प्ले ऑफ अफेक्शन (PDA) को यहां बुरा माना जाता है. जापान के कल्चर में भी ऐसा काफी हद तक देखा जाता है. इस वजह से जापान में कपल्स की सहूलियत के लिए ऐसे होटल्स (Love Hotels Japan) बनाए जाते हैं, जहां वो जाकर अकेले में वक्त बिता सकें. इन्हें लव होटल्स कहते हैं. इन होटल्स का संबंध 17वीं सदी से लेकर दूसरे विश्व युद्ध तक है!
मीडियम वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार जापान (Hotels for Couples in Japan) में ऐसे कई होटल्स हैं, जिनमें कपल्स को कुछ वक्त के लिए रुकने की सुविधा दी जाती है. इन्हें लव होटल कहते हैं. होटलों की बुकिंग 1 दिन के लिए नहीं, बल्कि कुछ घंटों के लिए होती है. इन होटल में ठहरने वाले लोगों की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाता है. आमतौर पर कपल इन होटलों को प्राइवेट मोमेंट्स बिताने के लिए ही बुक करते हैं. पर हैरानी की बात ये है कि इन होटलों को सिर्फ अविवाहित कपल ही नहीं, बल्कि विवाहित लोग भी बुक करते हैं.
बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड ही नहीं, पति-पत्नी भी करते हैं इनका इस्तेमाल
आनिका मान की एक आर्कियोलॉजिस्ट और एक्सप्लोरर ने हाल ही में @dostcast.daily नाम के एक पोडकास्ट में इन लव होटल्स के बारे में बताया. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि जापानी घर छोटे होते हैं और आमतौर पर गत्ते और लकड़ी से बनते हैं. अगर घर में पति-पत्नी, 3 बच्चे और बूढ़ी मां रह रही है, तो पति-पत्नी के पास प्राइवेट पल बिताने के लिए जगह नहीं होती. ऐसे में वो इन लव होटल्स का इस्तेमाल करते हैं, जहां वो कुछ घंटों के लिए जा सकते हैं. हालांकि, इन होटल्स को पूरी तरह से बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड द्वारा ही इस्तेमाल किया जाता है. होटल के रिस्पेशन पर कपल खुद से अपने कमरों की थीम चुन सकते हैं, जो स्पेस से जुड़ी, समुद्र से जुड़ी या नेचर से जुड़ी हो सकती है. इसके बाद वो अपने कमरों में चले जाते हैं. वेटर या होटल का स्टाफ उन्हें डिस्टर्ब नहीं करता. खास तकनीक से उन लोगों तक खाना पहुंचा दिया जाता है.
दूसरे विश्व युद्ध से जुड़े हैं तार
जापान गाइड वेबसाइट के अनुसार एक रात रुकने का 4 हजार से 8 हजार रुपये तक लग सकता है, जबकि दिनभर के लिए रुकने पर लोगों को 2 हजार से 4 हजार रुपये तक देना होता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इन होटलों का संबंध 17वीं सदी और दूसरे विश्व युद्ध से भी है. जापान में 17वीं सदी में ईडो पीरियड चल रहा था. तब जापान पर टोकूगावा परिवार का राज था. टोक्यो का पुराना नाम ईडो है. इस दौर में जापान में काफी आर्थिक विकास हुआ, सख्त सामाजनिक नियम-कानून बने, और देश में सुख-शांति स्थापित हुई. उसी वक्त टी-हाउस या रैन-बसेरों में अंदर जाने और बाहर आने के खुफिया रास्ते बनाए जाते थे. वो इसलिए क्योंकि इन जगहों पर पैसे लेकर रोमांस करने के लिए औरतें मौजूद रहती थीं. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान में एलाइड फोर्स का कब्जा हो गया था, जो जापान का विपक्षी साइड था. तब इन सैनिकों ने रैन-बसेरों और छोटे होटलों को पैसे देकर रोमांस करने का ठिकाना बना लिया. 1958 के बाद जापान में ये काम गैरकानूनी हो गया. तब इन होटलों में लोग अपने पार्टनर के साथ जाने लगे और धीरे-धीरे ये लव होटल्स के तौर पर तब्दील हो गए.





