पंजाब में एंटी ड्रोन तकनीक से लैस होंगे बॉर्डर

पंजाब में सबसे अधिक नशीले पदार्थ हेरोइन व अन्य ड्रग्स की सप्लाई ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हो रही है। 

बॉर्डर पर स्थित आसपास गांवों में रहने वाले युवा नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होते है लेकिन गांव के दूसरे लोग डर के मारे खुलकर बोलते नहीं हैं। लेकिन पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन को रोकने के लिए पंजाब में पाकिस्तान की सीमा से सटे पूरे बॉर्डर को एक साल के अंदर-अंदर एंटी ड्रोन तकनीक से लैस कर दिया जाएगा। पंजाब में 3-4 जिलों में बॉर्डर पर करीब 25 प्रतिशत एरिया में इस तकनीक को शुरू कर दिया गया है। यह जानकारी पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत के दौरान दी। 

राज्यपाल ने बताया कि मैंने पंजाब में अब 7वीं बार बॉर्डर एरिया के आसपास वाले जिलों में दौरा किया था। जब मैं वहां पहली बार गया था तो जांच एजेंसियों के बीच में कोई कोऑर्डिनेशन नहीं था जिससे पंजाब में पाकिस्तान से बढ़ रहे नशीले पदार्थों की तस्करी को रोका जा सकें। पहले दौरे से आते ही मैंने खुद एक रोडमैप तैयार किया और इंटेलीजेंस, बीएसएफ, एनआईए, सेना, एनसीआरबी सहित पंजाब पुलिस व अन्य जांच एजेंसियों के मुखियों के साथ मीटिंग की। इसमें मैंने इन सभी एजेंसियों के अधिकारियों की समन्वय कमेटी बनाई और इन्हें आपस में एक-दूसरे के साथ कोऑर्डिनेशन बनाए रखने के लिए कहा। 

उठाए कड़े कदम

गठित की गई इस टीम ने कुछ ही महीनों में पाकिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए। पाकिस्तान बॉर्डर के साथ लगते गांवों में अधिकतर लोगों को पता होता है कि कौन नशा करता है और वह नशीले पदार्थ कहां से लेकर आता है लेकिन कोई एक-दूसरे के साथ खिलाफ बोलकर दुश्मनी नहीं लेना चाहता है। क्योंकि पंजाब में जो नशीले का कारोबार फैल रहा है, वह सारे पदार्थ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए ही सप्लाई हो रहे हैं।

गवर्नर ने कहा कि हमारी जांच एजेंसियों ने पिछले कुछ महीनों में काफी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े हैं जो कि पाकिस्तान से आए थे। वहीं कुछ ड्रोन भी बरामद किए गए है जो नशीले पदर्थों की सप्लाई लेकर आए थे लेकिन बहुत सारे ऐसे ड्रोन भी है जो नशीले पदार्थ फेंककर वापस भी चले जाते हैं। इन्हें रोकने के लिए ही मेरी केंद्रीय गृह मंत्रालय में कई बार बातचीत हुई। बताया गया कि पाकिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्र में एक साल के अंदर पूरे बॉर्डर एरिया को एंट्री ड्रोन तकनीक से लैस कर दिया जाएगा। पहली कड़ी में 25 प्रतिशत एरिया को कवर भी कर लिया गया है जिससे पाकिस्तान के कुछ ड्रोन पकड़े गए है।

नशा मुक्त गांव को मिलेगा एक से तीन लाख तक का इनाम

बातचीत के दौरान राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने बताया कि बॉर्डर से सटे गांवों में लोग नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल युवाओं या अन्य लोगों के नाम नहीं बताते थे। इसलिए छोटे गांवों में 10 व बड़े गांवों में 20-20 लोगों की एक कमेटी बनाई है जो कि उनके गांवों में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के नाम जांच एजेंसियों को बताएगी। इसके लिए राज्यपाल फंड से गांवों को एक से तीन लाख के इनाम दिए जाएंगे। साथ ही अगर कोई पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन को पकड़वाता है या उसकी सूचना देता है तो उसे भी एक लाख का इनाम मिलेगा। पाकिस्तान से चल रहे ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह कमेटियां बनाई गई है।

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