दुर्लभ है ये मछली, 2 साल में मिलती है वजन 15 किलो, स्वाद में सबसे अलग

दक्षिण भारत हो या बंगाल बिहार, मछली इन प्रदेशों का प्रिय भोज है. हालांकि मछली के शौकीन तो पूरे भारत में हैं. मछली कई तरह की होती हैं. लेकिन मछली अपने स्वाद आकार और कीमत के कारण बाकी सब से अलग है. ये मछली दो साल के अंतराल में आती है.
मछली के काफी प्रकार होते हैं. लेकिन लोग इस मछली के बारे में कम ही जानते होंगे. ये है मोए मछली. ज्यादा कांटे होने की वजह से लोग इसे नहीं खरीदते हैं. लेकिन जो लोग इसके बारे में जानते हैं या मछली खाने के शौकीन हैं वो जरूर मोए मछली खरीदते हैं. इसका स्वाद सभी मछलियों से अलग होता है.
कैसी है मोए मछली
मोए मछली एक भारी भरकम जलीय जीव है. इसका वजन 5 किलो से 15 किलो तक है. ये बाजार में काफी कम मात्रा में पायी जाती है. स्थानीय मंडी में इसकी कीमत 500 से1000 हजार रुपये तक होती है. खास बात ये कि 2 साल के अंतराल पर बाजार में यह मछली आती है. हाजीपुर मच्छी बाजार में इन दिनों मोए मछली दिख रही है. यह हाजीपुर में पकड़ी जाती है लेकिन इसका सबसे ज्यादा बाजार कोलकाता और सिलीगुड़ी में होता है. यहां पहुंचते ही यह मछली झट से बिक जाती है.
15 किलो की मछली
मछली व्यवसायी हीरा साहनी बताते हैं ये मछली स्वाद में बहुत स्वादिष्ट होती है. यह सबसे महंगी मछली होती है और हर जगह नहीं मिलती. हाजीपुर में भी दो साल में मिलती है वो भी सिर्फ एक या दो बार. इसका वजन 5 किलो से लेकर15 किलो तक होता है. इसकी सिलीगुड़ी में ज्यादा डिमांड है. कीमत ऊंची होने के कारण वहां आराम से बिकती है. वो कहते हैं गंगाजी से मछली का जीरा लाए थे. इसे तैयार करने में 1 साल लगा. अब इसे बाजार लाये हैं.





