कोयला गैसीकरण परियोजना के लिए ओडिशा में 11,782 करोड़ रुपए की बोलियां मांगी गईं

ओडिशा में 11,782 करोड़ रुपए की कोयला गैसीकरण परियोजना के लिए वैश्विक और घरेलू कंपनियों से बोलियां आमंत्रित की गई हैं। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और बीएचईएल द्वारा एक संयुक्त उद्यम – भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) के गठन के बाद ये बोलियां आमंत्रित की गई हैं। इसके साथ ही दोनों सार्वजनिक उपक्रमों ने कोयला से लेकर रसायन कारोबार में प्रवेश कर लिया है। 

कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “बीसीजीसीएल ने 30 मई, 2024 को ओडिशा में ‘कोयला से अमोनियम नाइट्रेट’ परियोजना के लिए एलएसटीके-2 (एकमुश्त टर्नकी) ठेकेदार के चयन के लिए निविदा दस्तावेज जारी किया है।” यह निविदा सिंथेटिक गैस शोधन संयंत्र और अमोनिया संश्लेषण गैस संयंत्र से संबंधित है। यह कोयला गैसीफायर से उत्पादित कच्चे सिंथेटिक गैस को शुद्ध करेगा और उसे अमोनिया संश्लेषण के लिए उपयुक्त बनाएगा। 

दोनों कंपनियों ने सतही कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी के जरिए देश का पहला वाणिज्यिक पैमाने का कोयला-से-अमोनियम नाइट्रेट संयंत्र स्थापित करने के लिए एक समझौता किया है। पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट के अनुसार, पूरी परियोजना लागत 11,782 करोड़ रुपए है। 

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