दिल्ली : 12000 जागरूकता कार्यक्रम… 15 लाख संकल्प पत्र, फिर भी मतदान में पिछड़े

राजधानी में मत फीसदी बढ़ाने के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की तरफ से कई माह तक जागरूकता अभियान चलाया गया। चुनाव की घोषणा होने से पहले ही कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम शुरू हुए। यहीं नहीं तीन माह विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 12 हजार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। हजारों छात्रों के जरिये 15 लाख अभिभावकों से मतदान करने के लिए संकल्प पत्र भरवाए गए, लेकिन स्थिति यह रही कि दिल्ली में सबसे ज्यादा मतदान का 47 वर्ष पूर्व का रिकॉर्ड तोड़ना तो दूर बीते दो चुनाव का भी आंकड़ा पार नहीं पाया जा सका। इस बार 2019 के चुनाव के मुकाबले करीब दो प्रतिशत और 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार 6.41 फीसदी कम मतदान हुआ।

इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी और शनिवार को अवकाश था। रविवार को भी अवकाश होता है। स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो गई हैं। इस वजह से बहुत लोग शहर से बाहर चले गए। इस वजह से मतदान फीसदी कम रहा। सूत्रों का कहना है कि मतदाता जागरूकता अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। लेकिन उसका कोई खास लाभ नहीं दिखा। जागरूकता अभियान में स्कूल, कॉलेज,अस्पताल, प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों आदि में 12 हजार कार्यक्रम किए गए। कुछ मेट्रो स्टेशनों पर मतदान की उद्घोषणा भी की गई। डिजिटल माध्यम से भी मतदान के लिए प्रेरित करने वाले विज्ञापन चलाए गए। इसके बावजूद इसका कोई खास असर नहीं दिखा।

तापमान का भी रहा असर…
2014 के लोकसभा चुनाव कि लिए मतदान 10 अप्रैल को हुआ था, तब तापमान 33 डिग्री था और मतदान फीसदी 65.10 था। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए मतदान 12 मई को हुआ, तब तापमान 39 डिग्री था। उस समय 2014 के चुनाव से मतदान करीब साढ़े चार प्रतिशत कम रहा था। इस बार बीते लोकसभा चुनाव के तुलना में तापमान 4.4 डिग्री अधिक रहा।

1977 में हुआ था रिकॉर्ड तोड़ मतदान…
1977 का चुनाव आपातकाल के बाद हुआ था। इस चुनाव में दिल्ली में रिकाॅर्ड 71.3 प्रतिशत मतदान हुआ। यह आंकड़ा राजधानी न तो इससे पहले के पांच संसदीय चुनावों में छू सकी थी और न ही अभी तक के चुनाव में हुआ। वहीं सबसे कम 1999 के चुनाव में सिर्फ 43.54 फीसदी मतदान हुआ था।

वोट डालने वालों की संख्या बढ़ी..
2019 के लोकसभा चुनाव में 1.43 करोड़ मतदाता थे। जिसमें 86.82 लाख मतदाताओं ने वोट किया था। इस बार लोकसभा चुनाव में दिल्ली में 1.52 करोड़ मतदाता हैं। बीते चुनाव की तुलना में इस बाद करीब 8.74 लाख मतदाता बढ़े हैं। इस बार के चुनाव में 58.70 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट किया। इस आधार पर इस बार 89.23 लाख ने मतदान किया है। ऐसे में बीते चुनाव से इस बार के मतदान में वोट डालने की संख्या अधिक है।

यह है मतदान की स्थिति
वर्ष–कुल मतदाता–प्रतिशत
1962–1345360–68.30
1967–1684714–69.49
1971–2016396–65.19
1977–2547064–71.31
1980–3069636–64.89
1984–3496781–64.48
1989–5702828–54.30
1991–6073156–48.52
1996–8058941–50.62
1998–8297622–51.29
1999–8712530–43.54
2004–8763475–47.09
2009–11096854–51.84
2014–12711164–65.10
2019–14327649–60.60
2024–15201936–58.70

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