CRPF भी नहीं रोक पाए रणजीत चौटाला का विरोध…

हरियाणा में लोकसभा चुनाव का नामंकन लगभग खत्म होने को है। सूबे मौसम के साथ ही सियासी पारा चढ़ने लगे है, लेकिन भाजपा नेताओं के लिए किसान मुश्किल खड़ी करते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को भाजपा प्रत्याशी रणजीत चौटाला जनसंपर्क के लिए निकले थे। इस दौरान नियाना व खरड़ अलीपुर गांव में उनको एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध कर रहे किसानों ने चौटाला से तीखे सवालों की झड़ी लगाते हुए उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों का हिसाब मांगा। इसके अलावा महिलाओं ने भाजपा प्रत्याशी को काले झंडे दिखाए व नारेबाजी करके अपने विरोध जताया। 

गांव खरड़ अलीपुर में विरोध के दौरान रणजीत चौटाला गाड़ी से निकलकर बाहर आए। किसान नेता कुलदीप खरड़ ने बताया कि किसानों ने रणजीत चौटाला से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू होने और किसान शुभकरण की मौत को लेकर सवाल पूछे, इस दौरान किसानों के सवालों पर भाजपा नेता असहज हो गए। उन्होंने किसानों से वीडियो न बनाने की अपील की। जिस पर किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बता दें कि रणजीत चौटाला के आगमन से पहले किसानों के विरोध को देखते हुए अर्धसैनिक बल तैनात किए गए थे।  

वहीं बरवाला हलके के गांव सरसौद में चौपाल में रणजीत चौटाला ने भाषण शुरू ही किया था तभी किसानों उनसे सवाल जवाब शुरू कर दिया। भ्याण खाप के युवा अध्यक्ष नरेश भ्याण ने बताया कि कार्यक्रम रणजीत चौटाला से पूछा कि आप गांव में 6 महीने पहले गांव में आए थे, इस दौरान आपसे गांव की बिजली की तारे, खंबे बदलवाने, सोलर कनेक्शन और नए बिजली कनेक्शन करवाने की मांग की थी, जो आज तक पूरी नहीं हुई।

इस पर रणजीत ने जबाब दिया कि वह गांव में कब आए थे उन्हें याद नहीं है। इस पर मौके मौजूद किसान भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं रणजीत के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद वहां से चले गए।

Back to top button