18 के बाद जम्मू कश्मीर दौरे पर आ सकते हैं पीएम

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 फरवरी के बाद को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी जम्मू में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित कर सकते हैं।

इसके साथ ही विजयपुर में स्थित एम्स जम्मू, आईआईएम जम्मू, देविका कायाकल्प परियोजना, शाहपुर कंडी बांध सहित कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने की संभावना है। लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी के इस दौरे से जम्मू-कश्मीर में भाजपा की संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उप राष्ट्रपति एक को आएंगे जम्मू

उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक मार्च को जम्मू आएंगे। वे शेर ए कश्मीर विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह जानकारी देते हुए सम्मेलन के आयोजक सचिव डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन तीन मार्च तक चलेगा।

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) विजयपुर, जम्मू में 18 फरवरी से मरीजों के लिए ओपीडी की सुविधा शुरू की जाएगी। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) शक्ति गुप्ता ने कहा है कि एम्स की चिकित्सा सेवाओं का जम्मू-कश्मीर के साथ लेह लद्दाख, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मरीजों को भी लाभ मिलेगा।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि एम्स में 30 जनरल और 20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग हैं। पहले चरण में लगभग तीस से अधिक जनरल और सुपर स्पेशियलिटी विभागों में ओपीडी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके साथ ही जिला स्तर के मरीजों को उचित चिकित्सा सेवाएं देने के उद्देश्य से टेलीमेडिसिन सुविधा भी शुरू की जा रही है। इसमें चौबीस घंटे चिकित्सा सलाह देने का प्रावधान होगा। जो मरीज खुद चलकर एम्स तक पहुंचेंगे, उनकी स्क्रीनिंग के बाद उन्हें जरूरत के मुताबिक सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा के लिए सिफारिश की जाएगी। इसके अलावा जो मरीज ऑनलाइन अप्यांटमेंट लेकर आएंगे, उन्हें सीधे संबंधित डाक्टर के पास भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में एम्स में आपात सेवाएं शुरू नहीं की जाएंगी। सभी जरूरी उपकरण और पर्याप्त संकाय व अन्य स्टाफ की तैनाती के बाद अगले छह माह में एम्स पूरी तरह से काम करने लगेगा। एम्स की करीब 500 नर्सों को दिल्ली एम्स में विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है। 187 सृजित पदों में से 85 संकाय सदस्यों की नियुक्ति कर ली गई है और बाकी की भर्ती जारी है। एम्स में सुरक्षा के लिए सौ प्रतिशत स्थानीय एक्स सर्विसमैन की नियुक्ति की जाएगी। यदि जगह बची तो दूसरे प्रदेश के लोगों को मौका दिया जाएगा।

एम्स रेफरल अस्पताल के रूप में काम करेगा, जिसमें गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी। संस्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को गोद लेगा, उसके डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने के काम करेंगे। इसके लिए प्रदेश प्रशासन को लिखा गया है। हर जिले को टेलिमेडिसिन सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
पहले चरण में 750 बिस्तर स्थापित किए जाएंगे

पहले चरण में 750 बिस्तर स्थापित किए जाएंगे। बाद में इसे बढ़ाकर 900 से अधिक बिस्तर करने का प्रावधान रखा गया है। एम्स प्रमुख रूप से शोध गतिविधियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा।

जहर सूचना व प्रबंधन प्रणाली स्थापित होगी

प्रदेश में जहरीले पदार्थों के निगलने के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्स प्रशासन प्वाइजिंग (जहर) सूचना व प्रबंधन प्रणाली स्थापित करेगा। इसमें सर्पदंश और दूसरे जहर के मामलों के लिए जिला स्तर पर टेलिमेडिसिन के माध्यम से एम्स विशेषज्ञों द्वारा तत्काल उचित चिकित्सा सलाह मुहैया करवाई जाएगी।

ट्रॉमा प्रबंधन के लिए इस्राइल के साथ होगा एमओयू

एम्स दिल्ली विजयपुर के लिए मेंटर के तौर पर काम कर रहा है। यहां के मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली एम्स और अन्य संस्थानों से संपर्क किया जाएगा। पहले चरण में ट्रामा के लिए 40 समर्पित बिस्तर स्थापित होंगे। ट्रामा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए सेंटर फार एक्सीलेंस इन ट्रामा साइसेंस के लिए इस्राइल शिबा मेडिकल सेंटर के साथ एमओयू के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा गया है। इसमें दोनों संस्थानों के बीच एक्सचेंज और प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे।

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