धरती पर कहां से आया था जीवन? साइंटिस्ट का बड़ा दावा

पृथ्वी पर जीवन कहां से आया यह ऐसा विषय है जो शुरू से ही वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही रोचक और आकर्षक रहा है. इस पर बहुत से सिद्धांत या थ्योरी बताई जाती है. कुछ के मुताबिक जीवन के बनाने वाले तत्व पृथ्वी पर बाहर से आए थे, तो कुछ का कहना है कि वे पृथ्वी पर ही पनपे थे. यह एक लंबी बहस का विषय ही रहा है. नई स्टडी ने इस मुद्दे में एक नया तड़का देने का काम किया है. इसमें दाव किया गया है कि जीवन को बनाने के मूल तत्व पृथ्वी पर ज्वालामुखी के कारण चमकने वाली बिजली से बने थे.
पृथ्वी पर जीवन के पनपने की शुरुआत कैसे हुई इस पर सभी स्टडी में एक बात समान यह है कि प्रोटीन को बनाने वाले अमीनो एसिड से ही जीवन के निर्माण की प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी यानी अब सवाल यही है कि ये अमीनो एसिड कहां से आए? क्या ये पृथ्वी पर बाहर से आए या फिर यहीं पर किसी तरह से बने थे?
जीवन के निर्माण के लिए जरूरी तत्व यानी अमीनो एसिड के बारे में तरह तरह दावे किए गए हैं. पहले यह भी नतीजा निकाला जा चुका है कि ये तत्व वायुमंडल में बिजली चमकने और कड़कने के जरिए बने थे. लेकिन इस बार के अध्ययन में कहा जा रहा है कि ऐसा पृथ्वी के ज्वालामुखी से बनने वाली बिजली की वजह से भी हुआ था.
पृथ्वी पर जीवन के पनपने की शुरुआत को लेकर कई तरहके दावे हैं जिनमें से एक यह भी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)इस अध्ययन में भूगर्भशास्त्री, वैज्ञानिक, खनिज विशेषज्ञ, दुनिया भर के एक्सपर्ट की टीम शामिल थी. जिन्होंने ऐसे प्रमाण हासिल किए हैं जिनसे पता चलता है कि ज्वालामुखी की बिजली से भी वायुमंडल की नाइट्रोजन का पृथ्वी पर जीवन के तत्वों के बनाने में योगदान था. यहां गौर करने वाली बात यह है कि अमीनो एसिड में सबसे बड़ा तत्व नाइट्रोजन होता है.
वायुमंडल में नाइट्रोजन प्रचुर मात्रा में है, लेकिन उससे ऐसे तत्व नहीं बन पाते जिनका पौधे उपयोग कर सकें. पौधे नाइट्रोजन फिक्सिंग के जरिए नाइट्रोजन के तत्व का इस्तेमाल करते हैं. नाइट्रोजन फिक्सिंग में नाइट्रोजन के अणु को बैक्टीरिया या काई अमोनिया में बदलते हैं. लेकिन ये जीव तो जीवन के पनपने के काफी बाद आए थे. ऐसे में जीवन से पहले नाइट्रोजन के पदार्थ कैसे बने यह रहस्य था. प्रोसिडिंग्स ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया नाइट्रोजन के पदार्थ ज्वालामुखी से बनी बिजली से बन सके थे.





