पंजाब: सिटी बसों को लेकर नहीं थम रहा विवाद

नगर निगम द्वारा सिटी बसें वापस लेने के लिए कंपनी को फिर से टर्मिनेशन नोटिस जारी किया जाएगा। यहां बताना उचित होगा कि नगर निगम द्वारा 22 जनवरी को एग्रीमैंट खत्म होने पर एक्सटैंशन देने की बजाय चालू हालत में सिटी बसें वापस लेने के लिए कंपनी को नोटिस जारी किया गया था जिसके जवाब में कंपनी ने यह कहकर सिटी बसें वापिस देने से इंकार कर दिया कि भले ही 9 साल का एग्रीमेंट खत्म हो गया है लेकिन 5 लाख किलोमीटर तक बसें चलने की शर्त पूरी होना अभी बाकी है।
हालांकि नगर निगम द्वारा कंपनी की इस दलील को यह कहकर खारिज कर दिया है कि अगर बसों को सभी रूटों पर पूरा समय चलाया ही नहीं जाएगा तो 5 लाख किलोमीटर कैसे पूरे होंगे। जहां तक एग्रीमैंट में इस संबंधी पूर्व अधिकारियों द्वारा मिलीभगत के चलते दर्ज की गई शर्तों का सवाल है, उसके मद्देनजर नगर निगम द्वारा कंपनी को नए सिरे से टर्मिनेशन नोटिस जारी करने का फैसला किया गया है।
किराए की वसूली को लेकर भी चल रहा है विवाद
सिटी बस सर्विस चलाने वाली कंपनी के साथ 2018 से बाद के किराए की वसूली को लेकर भी नगर निगम का विवाद चल रहा है। इस संबंधी चल रहे कोर्ट केस में जिस आर्बिट्रेटर की नियुक्ति की गई थी, उसके द्वारा डीजल के रेट के मुकाबले टिकट की फीस न बढ़ाने की वजह से कंपनी को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी को 5 करोड़ से ज्यादा का हर्जाना देने का फैसला सुनाया है जिसे लेकर नगर निगम द्वारा अपील दायर करने की तैयारी की जा रही है।





