पंजाब: 10वीं-12वीं के परीक्षाओं से पहले बोर्ड ने जारी किए सख्त निर्देंश

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 12 फरवरी से 30 मार्च तक होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं देने वाले परीक्षार्थियों के जूते व जुराबें परीक्षा हॉल में नहीं उतरवाए जाएंगे। वहीं जरूरत पड़ने पर किसी छात्रा की तलाशी भी महिला निगरान से ही करवाए जाने के आदेश सुपरिंटैंडैटों को बोर्ड द्वारा जारी किए गए हैं। परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर बोर्ड द्वारा जारी किए गए निर्देशों को हर हाल में लागू करने की हिदायत की गई है। बोर्ड ने सभी सुपरिटैंडैंटों को स्पष्ट कर दिया है कि चैकिंग के नाम पर किसी भी परीक्षार्थी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाई जाए और परीक्षार्थी द्वारा पहने गए धार्मिक चिन्हों को उतरवाने से गुरेज किया जाए। वहीं परीक्षा केंद्र में निगरान स्टाफ के भी मोबाइल फोन या किसी इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस के ले जाने पर रोक लगा दी गई है। यही नहीं, अगर कोई अध्यापक परीक्षा केंद्र में मोबाइल का प्रयोग करते पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जाएगा। वहीं अगर कोई परीक्षार्थी इलैक्ट्रॉनिक्स डिवाइस या मोबाइल का प्रयोग परीक्षा केंद्र के अंदर करते पाया गया तो उस पर अनुचित साधनों का प्रयोग करने के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
सिंगल बैंच पर सिंगल छात्र बिठाने की शर्त, जमीन पर बैठ एग्जाम नहीं देगा कोई परीक्षार्थी
परीक्षार्थियों को पेपर देने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों में सिंगल बैंच सिंगल विद्यार्थी बिठाने की ही शर्त लगा दी है। यह भी साफ कर दिया है कि अगर किसी परीक्षा केंद्र में डैस्कों की कमी है तो उसको पूरा करने के लिए सैंटर कंट्रोलर से संपर्क किया जाए लेकिन कोई भी परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा देता न पाया जाए। वहीं परीक्षा केंद्र भी ग्राऊंड फ्लोर पर बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी। बोर्ड ने सभी सुपरिटैंडैंटों को स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर ताला न लगा हो और वहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति यकीनी रूप से होनी चाहिए।
नकल का रुझान सामने आया तो पूरे स्टाफ पर हो सकती है कार्रवाई
वहीं परीक्षा केंद्र में वाटरमैन के बार बार आने को रोका जाए। सबसे अहम आदेश जो बोर्ड ने किए हैं, वे सुपरिटैंडैंटों के मेहताने को लेकर हैं जिनमें कहा गया है कि अगर किसी सैंटर में कोई यू.एम.सी. केस बनता है तो सुपरिंटैंडैंट को तब तक मेहताने की अदायगी नहीं की जाएगी जब तक केस हल नहीं होगा। वहीं अगर किसी केंद्र में नकल का रुझान सामने आने की पुष्टि फ्लाइंग स्कवायड के प्रमुख द्वारा की जाती है तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जाएगा।
यह भी रखना होगा ध्यान
– किसी भी कैंडिडेट को रोल नंबर स्लिप के बिना परीक्षा केंद्र में दाखिले की अनुमति नहीं होगी।
– कैंडिडेट को पारदर्शी बोतल में पानी लाने की अनुमति होगी।
– परीक्षार्थी का परीक्षा केंद्र पर एक घंटे पहले पहुंचना जरूरी है।
– परीक्षा से एक दिन पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हों।
– केंद्र कंट्रोलर द्वारा प्रश्न पत्रों के सीलबंद पैकेट खोलते समय समय अंकित करके अपने व डिप्टी सुपरिंटैंडैंट, निगरान एवं 2 विद्यार्थियों के हस्ताक्षर के भी करवाने होंगे।
– दोबारा परीक्षा देने वाले कैंडिडेट्स के लिए अलग प्रश्न पत्र होगा। जिन परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं, वहां पर कैंडिडेट्स को केवल दोबारा परीक्षा देने वाला प्रश्न पत्र ही दिया जाए
– परीक्षा के दिन के विषय अध्यापक की ड्यूटी नहीं होगी।
-निगरानी करने वाला स्टाफ संबंधित स्कूल से होगा।
– परीक्षा केंद्र के आसपास धारा-144 लगेगी।
– ड्यूटी पर तैनात किसी भी पुलिसकर्मी को परीक्षा केंद्र में दाखिले की अनुमति नहीं होगी।





