रोज सिर्फ बिस्कुट खाता था बच्चा, अचानक हो गई मौत!

एक सात साल का बच्चा ऑटिज्म का रोगी थी, लेकिन उसकी अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो जाती है. लेकिन इससे भी हैरानी की बात यह होती है कि मौत का असली कारण यह था कि वह बहुत ही ज्यादा कुपोषित हो गया था और उसकी जान एक ना पहचाने जा सकने वाले खाने के विकार ने ली थी, जिससे वह मौत की दहलीज पर पहुंच गया था. यह घटना इंग्लैंड में मानचेस्टर के रहने वाले एल्फी एंथोनी निकोल्स के साथ हुई थी जो बोल नहीं सकता था. यह अनोखा मामला इंग्लैड में आज भी एक मिसाल है कि कैसे एक बच्चे को नजरअंदाज कर उसे मरने से नहीं रोका जा सका.
ऐसा नहीं है कि इस बच्चे की समस्या का पता नहीं चला था. बल्कि एल्फी की मां लूसी मैरिसन को तो कई बार पहले भी अस्पताल आ चुकी थी क्योंकि उसे लग रहा था कि कुछ तो गड़बड है. लेकिन उसकी समस्याएं चिकित्सक पता नहीं लगा सके और ना ही वे ये जान सके कि बच्चे वह बहुत ही ज्यादा कुपोषित है, जबकि लूसी को बताया गया कि यह सब ऑटिज्म की वजह से हो रहा है.
लेकिन मौत के बाद ही असली वजह सामने आई कि एल्फी वास्तव में अवॉयडेंट/रिस्ट्रिक्टिव फूड इंटनेक डिसऑर्डर (ARFID) से पीड़ित था, जो कि ऑटिज्म वाले बच्चों में असामान्य नहीं है, लेकिन फिर भी डॉक्टर इसे पकड़ नहीं सकते. इसके लिए अस्पताल ने एल्फी के परिवार से माफी भी मांगी थी. मजेदार बात यह है कि उम्र के शुरुआती सालों में उसकी खुराक ठीक थी, लेकिन स्कूल जाने के बाद वह केवल कुछ बिस्कुट खाता था और थोड़ा सा पानी पीता था.
इस मामले में कोर्ट पाया कि एल्फी को स्कूल नर्स ने कभी देखा ही नहीं और ना ही यह समझने की कोशिश की गई कि वह कितना या क्या खा रहा है. जिंदगी के आखिर साल में एल्फी को फूड क्लीनिककी एक स्पीच और लैंग्वेज टीम को रेफर किया गया था, लेकिन इसमें केवल शरीर में पानी की कमी की जांच की गई थी.
उससे सोने और दूसरे कामों के लिए मदद को मिली लेकिन उसके भोजन पर ध्यान नहीं दिया गया. यहां तक कि उसका वजन भी ठीक नहीं आ रहा था. इसके बाद उसका वजन कम होता चला गया. एल्फी की मां का कहना है कि उन्होंने इस पर कई बार बात करने की कोशिश की पर किसी ने नहीं सुनी.
ऐसा नहीं कि एल्फी को उसके परिवार वाले प्यार नहीं करते थे या उसकी देखभाल में कतराते थे. लेकिन पोस्टमार्टम में काफी चौंकाने वाली बात सामने निकल आई. एल्फी की छाती की तीन हड्डियां टूट गईं थी जो उसके अचानक मौत के बाद सीपीआर देने की वजह से हुई थीं. यह मामला इंग्लैंड का है और इस विकसित देश में कुपोषण की वजह से किसी बच्चे की मौत वाकई इसे बहुत ही चौंकाने वाली घटना बना देती है. आज दो साल से एल्फी की मां लोगों में बच्चों के लिए जागरूकता के लिए काम कर रही है, जिससे ऐसा फिर किसी और बच्चे के साथ ना होगा.





