प्राचीन इंजीनियरिंग का चमत्कार है ये टॉवर, लोगों के लिए वरदान से कम नहीं है टेक्निक!

ईरान के रेगिस्तानी शहर यज्द (Yazd) में सदियों पुराने इमारतों और घरों पर चिमनी जैसी मीनारें दिखती हैं, जिनको पर्शियन विंड टॉवर, विंडकैचर, विंड स्कूप जैसे नामों से जाना जाता है. असल में इस तरह के टॉवर इस प्राचीन शहर में विकसित किए गए इंजीनियरिंग चमत्कारों में से एक है, जिसकी टेक्निक यहां के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अब इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है. आइए जानते हैं कि यह टेक्निक कितनी यूजफुल है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्वीटर) पर ये वीडियो @chrisishiguzo नाम के यूजर ने पोस्ट किया है, जिसके कैप्शन में बताया गया है कि, ‘पर्शियन विंड टॉवर कैसे एक सालों पुराना एयर कंडीशनर बिना बिजली के वातावरण को 12 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा कर सकता है.’
एक मिनट 23 सेकंड का ये वीडियो बड़े ही कमाल का है, जिसमें बड़े ही अच्छे से समझाया गया है कि ये टॉवर किस तरह से काम करते थे, जिससे लोगों को तपती गर्मी में भी ठंडी हवा मिलती थी.
क्या था विंडकैचर टॉवर का काम?
वीडियो में बताया गया है कि ये टॉवर एक तरह से ग्रीन एयर कंडीशनर की तरह काम करते थे, जिनका आविष्कार सालों पहले हुआ था. जब यज्द शहर में भीषण गर्मी पड़ा करती थी और गर्मियों के दिनों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता था, तो इमारतों पर लगे विंडकैचर लोगों को ठंडी हवा उपलब्ध कराते थे, जिससे उनको गर्मी से राहत मिल पाती थी. बता दें कि विंडकैचर टॉवर को फारसी में बदगीर कहा जाता है.
कैसे काम करते थे विंडकैचर टॉवर?
विंडकैचर में इस्तेमाल टेक्निक बड़ी ही अद्भुत है, जिसे भीषण गर्मी से निपटने के लिए ईजाद किया गया था. विंडकैचर टॉवर आमतौर पर दो या दो से अधिक खुले किनारों वाली एक लंबी चिमनी की तरह दिखता है. यह प्रणाली बहुत ही सरल है. इन टॉवर एक खुले हुए हिस्से से हवा अंदर जाती है तो वहीं दूसरे खुले हुए हिस्सों से गर्म हवा बाहर निकलती है. कभी-कभी इन टॉवरों में संकीर्ण नालियां भी बनी होती थीं, जिनके संपर्क में आने से हवा और ठंडी हो जाती थी, जिससे अंदर का वातावरण ठंडा होता जाता था.
कितनी यूजफुल है ये टेक्निक?
विंडकैचर टॉवर्स की तकनीक बड़ी ही यूजफुल दिखती है, क्योंकि यह बिना बिजली की खपत, महंगे एयर-कंडीशनर खर्च के विपरीत प्राकृतिक रूप से ठंडी हवा उपलब्ध करवाती है. इससे प्रदूषण भी नहीं होता है. गर्मियों के दिनों में शहरों में इमारतों के बाहर बड़ी संख्या में एयर एंडीशनर लगे हुए दिखते हैं, जिनके उपयोग में बिजली की भारी खपत होती है. ऐसे में अगर लोग इमारतों के निर्माण में ही इस तरह के टॉवर बनाएं तो उनके लिए ये टेक्निक बहुत ही यूजफुल साबित हो सकती है. हालांकि, आज भी कई इमारतों में इस तरह के विंडकैचर बने हुए देखने को मिलते हैं.





