ऐसे आएगी कयामत ! विशाल उल्‍कापिंड के धरती पर ग‍िरते ही परमाणु बम की तरह विस्‍फोट

कभी आपने सोचा क‍ि अगर कोई विशाल उल्‍का‍प‍िंंड धरती पर आ ग‍िरे तो क्‍या होगा? ज्‍यादातर लोग कहेंगे क‍ि तबाही मच जाएगी. क्षुद्रग्रह जितना बड़ा होगा, विनाश भी उतना ही ज्‍यादा होगा. आज तक क‍िसी ने इसे देखा नहीं. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में आप इसे देख सकते हैं. साइंटिस्‍ट ने एक मॉडल तैयार किया है, जिसमें बताया गया है क‍ि अंतर‍िक्ष में मौजूद सबसे बड़ा ज्ञात उल्‍काप‍िंंड अगर उड़ता हुआ आये और पृथ्‍वी से टकरा जाए तो क्‍या होगा? क‍िस तरह के नतीजे होंगे? धरती का क्‍या हाल होगा? वीडियो डरा देने वाला है.

सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म एक्‍स पर @Rainmaker1973 एकाउंट से इसे शेयर किया गया है. साइंटिस्‍ट के मुताबिक, अगर 20 मंजिला इमारत के बराबर को उल्‍कापिंड धरती से टकरा जाए तो अब तक बनाए गए सबसे बड़े परमाणु बम के बराबर धमाका होगा. 25 से 50 मेगाटन के बराबर ऊर्जा निकलेगी. अगर एक मील चौड़ा उल्‍कापिंड 30,000 मील प्रति घंटे की गति से धरती से टकराए तो लगभग एक मिलियन-मेगाटन बम के बराबर ऊर्जा निकलेगी. ये इतनी ज्‍यादा होगी कई देश खाक में बदल जाएंगे. वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि अगर 60 मील चौड़ा उल्‍कापिंड आकर ग‍िरे तो धरती पर सारे जीव-जंतु नष्‍ट हो जाएंगे. धरती धूल का एक विशाल मलबे में तब्‍दील हो जाएगी. सूर्य से आने वाली ऊर्जा रुक जाएगी क्‍योंकि पृथ्‍वी पर ही तापमान उससे ज्‍यादा होगा.

पल भर में ही मचने लगी तबाही
वीडियो में आप देख सकते हैं क‍ि अब तक ज्ञात सबसे बड़ा ज्ञात उल्‍काप‍िंंड अंतर‍िक्ष से आता है और धरती पर टकरा जाता है. इसके बाद आग का गोला उठता है. और परमाणु बम की तरह तबाही मचने लगती है. सूर्य की ज्‍वाला की तरह निकलती यह आग सारे जीव जंतुओं, पौधों और मकानों को अपनी आगोश में ले लेती है. सबकुछ पलभर में खाक में बदल जाता है. हजारों क‍िलोमीटर धरती कुछ ही समय में धूल के गुबार में तब्‍दील हो जाती है. यानी यहां कुछ भी नहीं बचता. वीडियो को अब तक तकरीबन 5 लाख बार देखा जा चुका है. लोग इसे देखकर हैरान हैं.

प्रलय की क‍ितनी संभावना
द प्लैनेटरी सोसाइटी के साइंटिस्‍ट का मानना है क‍ि किसी विशाल क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने की संभावना न्यूनतम है. 20वीं और 21वीं शताब्दी में कुल 18 उल्‍कापिंड धरती से टकराए. ऐसा माना गया क‍ि भारी तबाही मचेगी, लेकिन प्रभाव काफी कम देखा गया. इसकी सिर्फ ये वजह थी, सभी आकार में काफी छोटे थे. छोटे क्षुद्रग्रह अधिक सामान्य होते हैं और आमतौर पर बेहद कम नुकसान पहुंचाते हैं. अगर हम इतने बदकिस्मत न‍िकले कि कोई विशाल क्षुद्रग्रह आकर धरती से टकरा जाए तो, सभी लोगों को मारने के ल‍िए उसे 60 मील चौड़ा होना होगा. अब तक की रिसर्च में इसकी संभावना न के बराबर दिखती है.

Back to top button