2024 में सूर्य पर ‘उतरेगा’ ये अंतरिक्ष यान! 195 किलोमीटर प्रतिसेकेंड होगी रफ्तार

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) ने नए साल के पहले ही दिन एक्सपोसैट (XPoSat) सैटेलाइट लॉन्च कर दुनिया में तहलका मचा दिया है. इस मिशन के जरिये भारत ब्लैक होल्स और सुपरनोवा जैसी सुदूर चीजों के बारे में पता लगाने की कोशिश करेगा. इस तरह के मिशन पर जाने वाला भारत अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा देश बन गया है. बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती, 2024 अंतरिक्ष में दुनिया में हलचल मचाने वाला साल होगा. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ( NASA) ने ऐलान किया कि इसी साल उनका अंतरिक्ष यान पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) आग की तरह धधकते सूर्य पर उतरेगा. तब उसकी रफ्तार 195 किलोमीटर प्रतिसेकेंड होगी. नासा ने जो खुलासे किए हैं, वे हैरान करने वाले हैं.
न्यूयॉर्क से लंदन की दूरी सिर्फ 30 सेकेंड में
नासा पार्कर सोलर प्रोब परियोजना के साइंटिस्ट डॉ नूर राउफी (Dr Nour Raouafi) ने बीबीसी से बातचीत में उस तारीख का भी खुलासा किया जब पहली बार को कोई अंतरिक्ष यान सूर्य पर उतरने जा रहा है. उन्होंने कहा, 24 दिसंबर, 2024 को पार्कर सोलर प्रोब सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगा. इतने करीब आज तक कोई भी मानव निर्मित वस्तु नहीं पहुंची है. उस समय अंतरिक्ष यान की गति 195 किलोमीटर प्रति सेकंड या 435,000 मील प्रति घंटे होगी. पार्कर सोलर प्रोब की स्पीड को आप ऐसे समझ सकते हैं कि न्यूयॉर्क से लंदन की दूरी सिर्फ 30 सेकेंड में तय हो जाएगी. यह सूर्य पर उतरने की तरह ही होगा. क्योंकि उसके तल पर जाने वाली कोई भी मशीन अब तक नहीं बनी. पार्कर सोलर प्रोब सूर्य की उबलती सतह से अभी 61 लाख किलोमीटर दूर है.
चांद पर लैंडिंंग की तरह यह मामला
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी के वैज्ञानिक डॉ नूर राउफी ने कहा, यह घटना 1969 की चंद्रमा लैंडिंग के बराबर है और पूरी मानवता के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी. पार्कर की इतनी तेज रफ्तार सूर्य के गुरुत्वाकर्षण की वजह से होगी. नासा ने इस मिशन को 2018 में लॉन्च किया था. इसका मकसद सूर्य के बेहद करीब से बार-बार गुजरना है, ताकि उसके बारे में पता किया जा सके. इस बार जब यह सूर्य के सबसे करीब होगा, उस वक्त तापमान 1,400ºC से ज्यादा होगा. इस बार पार्कर सोलर प्रोब का मकसद सूर्य के आवरण क्षेत्र के अंदर जाना और जल्दी से तापमान मापकर वापस आना है.





