पंजाब: एस.टी.एफ. का नशा तस्करों पर बड़ा एक्शन!

पंजाब नशा तस्करी का हब बनता जा रहा है। लेकिन, आम आदमी सरकार के सत्ता में आने के बाद पुलिस ने नशा तस्करों की कमर तोड़ दी है। पुलिस रोजना नशा तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। अगर हम ड्रग माफिया की बात करें तो कमिश्नरेट पुलिस के मुकाबले एस.टी.एफ. की टीम ने नशा तस्करों पर ज्यादा नकेली कसी है, और नशे की तकरीबन कॉमशियल क्वांटिटी रिकवर की है। अगर आंकड़े देखे जाए तो साल भर में नशा तस्करों पर एसटीएफ ने 41 एफ.आई.आर. दर्ज की और कुल 62 नशा तस्कर पकड़ कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाए है। इसके अलावा 9 केस ऐसे है, जिसमें आरोपियों की करीब 18 करोड़ की प्रापर्टी केस में अटैच की है। अगर पिछले पांच साल का आंकड़ा देखे जाए तो करोड़ों का नशा और कई आरोपियों से एके.47 तक बरामद की है।

दरअसल, अकाली दल बादल और कांग्रेस पार्टी के समय पंजाब नशे के दलदल में धंस रहा था। नशे को खत्म करने के लिए एस.टी.एफ. का गठन किया गया था। एस.टी.एफ. पंजाब की टीम ने नशे पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद एस.टी.एफ. ने नशे के लिए मुहिम ओर तेज कर दी। लुधियाना में एस.एस.पी. स्नेहदीप शर्मा की अगुवाई में इंचार्ज इंस्पेक्टर हरबंस सिंह नशा तस्करी करने वाले बड़े मगरमच्छों की कमर तोड़ कर रख दी। पंजाब पुलिस के मुकाबले एसटीएफ ने ज्यादातर मामलों में हैवी रिकवरी की है, जिसमें जेल में गए नशा तस्करों को जल्द जमानत हासिल नहीं होती है।

जेल के अंदर से मोबाइल पर चल रहे नशा कारोबार कर किया खुलासा
अभी ताजा मामले में एस.टी.एफ. ने जेल के अंदर बैठकर नशे की तस्करी का नेटवर्क चलाने वाले का खुलासा किया है। यह नेटवर्क अतंराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का सरगना अक्षय छाबड़ा मोबाइल के जरिए अपने साथियों के साथ मिलकर चला रहा है। पुलिस आरोपी अक्षय को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। उससे पूछताछ की गई, अब उसे दोबारा जेल भेज दिया गया है। उससे पूछताछ में कई ओर नाम सामने आए है। फिलहाल अभी पुलिस जांच कर रही है।

01 जनवरी से 20 दिसंबर 2023 का आंकड़ा :
20 दिसंबर 2023 तक लुधियाना एस.टी.एफ. ने कुल 41 केस दर्ज किए है। जबकि इन केसों में 62 आरोपियों को पकड़ कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इन आरोपियों से बरामद नशे का वेरवा ऐसे है।

नशा : बरामदगी
हैरोइन : 33 किलो 925 ग्राम
अफीम : 285 ग्राम
आईस : 584 ग्राम
नशीली गोलियां : 14780
ड्रग मनी : 11 लाख 81 हजार

पुलिस मुलाजिम और अन्य विभाग के भी किए गिरफ्तार :
एसटीएफ ने किसी को नहीं बख्शा, अगर पिछले कुछ वर्षो के आंकड़े देखे जाए तो टीम ने नशा तस्करी में शामिल कई पुलिस मुलाजिमों और अन्य विभाग के सरकारी मुलाजिमों को भी गिरफ्तार किया है। जिनमें मुख्य यह शामिल है। जिसमें कुस केस 9 है। जबकि पकड़े गए आरोपी 11 है
नशा : बरामदगी
हेरोइन : 1 किलो 500 ग्राम
अफीम : 5 किलो 650 ग्राम
चुरापोस्त : 4 क्वविंटल 80 किलो
ड्रग मनी : 2 लाख रुपए
हथियार : 1 पिस्टल, 1 रिवाल्वर, 26 कारतूस

साल 2017 से दिसंबर 2023 तक का कुल आंकड़ा :
एस.टी.एफ. का अगर साल 2017 से अब तक के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो कुल 523 केस दर्ज किए है। जबकि 899 आरोपियों को जेल पहुंचाया है। आरोपियों से बरामद नशे की जानकारी नीचे दी गई है।
नशा : बरामदगी
हैरोइन : 377 किलो 108 ग्राम
अफीम : 70 किलो 873 ग्राम
चुरापोस्त : 13 क्वविंटल 34 किलो 100 ग्राम
गांजा : 255 किलो 350 ग्राम
नशीली गोलियां : 34,56,603
आईस : 39 किलो 884 ग्राम
स्मैक : 550 ग्राम
चरस : 1 किलो 362 ग्राम
ड्रग मनी : 2 करोड़ 69 लाख 72 हजार 150 रुपए और 5000 यू.एस डॉलर
हथियार : 20 ए.के-47, 14 मैगजीन, 825 कारतूस, 806, 14 पिस्टल, 41 मैगजीन, 252 रौंद, 3 रिवाल्वर, 8 रौंद, एक पंप एक्सन गन

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