प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के इन मंत्रों का करें जाप, जीवन में आएंगी खुशियां

हर महीने में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है। इस बार वर्ष 2023 का अंतिम प्रदोष व्रत 24 दिसंबर को है। इस दिन रविवार होने के कारण यह रवि प्रदोष व्रत होगा। धार्मिक मत है कि प्रदोष व्रत के दिन पूजा करने से व्यक्ति को आरोग्य जीवन प्राप्त होता है। साथ ही महादेव का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा रवि प्रदोष व्रत करने से साधक की लंबी आयु होती है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है। यदि आप भी भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो रवि प्रदोष व्रत के दिन विधिपूर्वक पूजा करें और इस दौरान इन मंत्रों का जाप जरूर करें।

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शिव स्तुति मंत्र

द: स्वप्नदु: शकुन दुर्गतिदौर्मनस्य, दुर्भिक्षदुर्व्यसन दुस्सहदुर्यशांसि।

उत्पाततापविषभीतिमसद्रहार्ति, व्याधीश्चनाशयतुमे जगतातमीशः।।

शिव प्रार्थना मंत्र

करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं श्रावण वाणंजं वा मानसंवापराधं ।

विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥

शिव गायत्री मंत्र

ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।

शिव आरोग्य मंत्र

माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा।

आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते।।

ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

प्रदोष व्रत की तिथि

पचांग के मुताबिक, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 24 दिसंबर को है। त्रयोदशी तिथि 24 दिसंबर 2023 को सुबह 06 बजकर 24 मिनट से शुरू होगी और इसके अगले दिन यानि 25 दिसंबर 2023 को सुबह 05 बजकर 54 मिनट तक रहेगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त

24 दिसंबर को शाम 05 बजकर 30 मिनट से लेकर रात्रि 08 बजकर 14 तक पूजा शुभ मुहूर्त करने का शुभ मुहूर्त है।

Back to top button