रागिनी ह’त्याकांड: 3 दिन बीतने पर भी नहीं सुलझी ह’त्या की गुत्थी…

जालंधर: स्पोर्ट्स कॉलेज के पास स्थित गुरु अर्जुन नगर में हुए रागिनी हत्याकांड को कमिश्नरेट पुलिस तीसरे दिन में भी सुलझा नहीं सकी है। उल्लेखनीय है कि 19 वर्षीय रागिनी स्कूली छात्रा थी और गत बुधवार की सुबह उसके घर के पास ही खाली प्लाट में उसका जला हुआ शव बरामद हुआ था। शव के मिलने से एक दिन पहले की सुबह रागिनी स्कूल नहीं गई थी और मंगलवार की शाम से लेकर सारी रात परिजन रागिनी की तलाश करते रहे थे।
जिस जगह पर रागिनी का शव बरामद हुआ है उस जगह पर न तो पुलिस को पैट्रोल या मिट्टी के तेल का कोई निशान नहीं मिला है और न ही कोई अन्य ज्वलनशील पदार्थ लाए जाने आदि का कोई केन बरामद हुआ है। बरामद हुआ है तो जला हुआ कंबल और मिट्टी पर लिखा हुआ ‘‘परमात्मा मेरी जैसी बेटी किसी को न दे…’’ इत्यादि निशान। थाना बस्ती बावा खेल के प्रभारी से बात करने पर उनका मात्र यही कहना है कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी कितना भी शातिर क्यों न हो कानून के शिकंजा में बहुत जल्द आ जाएगा।
जवाब मांगते दो सवाल
- पुलिस के सामने जो सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है वह यह है कि रागिनी की हत्या कहां हुई है। रागिनी की हत्या कर शव दिन में जलाया गया है या रात को। वहीं शव को जलाए जाने की बदबू क्यों नहीं आई।
उल्लेखनीय है कि जुलाई 1995 में दिल्ली में नयना साहनी हत्याकांड हुआ था। नयना साहनी के शव के टुकड़े करके तंदूर में जलाए जा रहे थे और वहां से गुजर रहे एक पुलिस कर्मचारी को मांस जलने की बदबू आई तो शक होने पर वह तंदूर की तरफ गया और हत्याकांड का खुलासा हुआ।
- क्या रागिनी का हत्यारा दूसरी बार शव जलाए जाने वाली जगह पर आया था या रागिनी की हत्या कर शव को इस जगह लाकर जलाया गया? यदि इस पर जांच करें तो जवाब फिलहाल न में हैं, क्योंकि जिस जगह शव मिला वहां जाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है और न ही आसपास की कोई सी.सी.टी.वी. फुटेज बरामद हुई है। ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि क्या रात के अंधेरे में हत्यारा शव को जलाने आया था।





