ये हैं करोड़पति बंदर…33 एकड़ जमीन और दो मंजिला घर के मालिक!

आपने अपने जीवन में करोड़पति इंसान तो बहुत देखे होंगे, लेकिन आज हम आपको करोड़पति बंदरों के बारे में बताने जा रहे हैं. यही नहीं, ये जिस गांव में रहते हैं वहां के लोग उन्हें तोहफे देते हैं. खाने के लिए अच्छी-अच्छी चीजें देते हैं. हम बात कर रहे हैं, महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित माकडका उपला नाम का एक गांव की. यह गांव धाराशिव शहर से 10 किमी और तेर से 15 किमी दूर है. इस गांव का अपना एक इतिहास है.

प्राचीन काल से ही इस गांव में बंदरों की संख्या बहुत अधिक थी, इसलिए इस गांव का नाम बंदर माकड का उपला है और इस गांव के सभी बंदरों के नाम पर 33 एकड़ जमीन है और माकडाकी माडी के नाम पर एक दो मंजिला घर भी है. ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन बंदरों के नाम कैसे हो गई,यह जमीन बंदरों के नाम किसने की, इसका कोई अंदाजा नहीं है.

ग्रामीणों का मानना है कि जब भगवान श्री राम अपने वनवास के दौरान उपला गांव आए थे तो उनके साथ एक बंदर भी आया था और वह बंदर काफी समय तक यहीं रुका था. उपला गांव में लोग बंदरों का विशेष सम्मान करते हैं और दरवाजे पर आने पर उन्हें खाना खिलाते हैं. कभी-कभी विवाह समारोह शुरू करने से पहले बंदरों का सम्मान भी किया जाता है.

बंदरों की जमीन पर लगाए जा रहे फलों के पेड़
उपला ग्राम पंचायत के भूमि रजिस्टर के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार के सातबारा उतरा में “समस्त मकड़ पंच” के नाम से 13 हेक्टेयर 26 आर यानी 33 एकड़ भूमि है. गांव के सरपंच सुहास घोगरे ने बताया कि दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि भूमि बंदरों की थी लेकिन यह ज्ञात नहीं है कि जानवरों के लिए यह प्रावधान किसने और कब किया इस जगह पर हम फलों के पेड़ लगाने जा रहे हैं जो बंदरों के लिए उपयोगी होंगे. गांव में इस समय करीब 100 बंदर हैं

बंदरों को मिलते हैं तोहफे
पहले जब भी गांव में कोई शादी होती थी तो सबसे पहले बंदरों को तोहफे दिए जाते थे और उसके बाद ही शादी की रस्म शुरू होती थी, लेकिन अब हर कोई इस परंपरा का पालन नहीं करता है. मकड़चे उपला नाम का यह गांव बंदरों के नाम पर रखी गई जमीन की वजह से चर्चा में है.

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